कटनी। कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र में 'विश्व आदिवासी दिवस' के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आदिवासी समाज द्वारा एक विशाल जुलूस निकाला गया, जिसमें समाज के लोगों ने एकजुट होकर प्रकृति संरक्षण और अपनी संस्कृति को बचाने का संदेश दिया।
प्रकृति के सच्चे सेवक हैं आदिवासी समाज
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज अनादि काल से प्रकृति का सच्चा संरक्षक रहा है। 'जल, जंगल और जमीन' का संरक्षण आदिवासी समाज की मूल पहचान है और वे सदैव प्रकृति की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।
बिरसा मुंडा कार्यालय पहुँचकर हुआ जुलूस का भव्य स्वागत
आयोजन के तहत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए आदिवासी समुदाय के लोग सबसे पहले स्लीमनाबाद चौराहे पर एकत्रित हुए। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और पारम्परिक गीतों के साथ भव्य जुलूस निकाला गया। नगर के मुख्य मार्गों से भ्रमण करता हुआ यह जुलूस बिरसा मुंडा कार्यालय पहुँचा। कार्यालय परिसर में जुलूस का आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात् उपस्थित जनों ने भगवान बिरसा मुंडा एवं अन्य महान आदिवासी नायकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में काफी उत्साह और भक्तिमय माहौल देखा गया।




