चेन्नई, 26 मई । डीएमके ने मंगलवार को चेन्नई में हाल ही में 14 वर्षीय लड़के की चाकू मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर तमिलनाडु सरकार पर तीखा हमला बोला। इस दौरान पार्टी ने पुलिस तंत्र के दुरुपयोग और राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था का आरोप लगाया।

आईएएनएस से बात करते हुए डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने आरोप लगाया कि पुलिस को जन सुरक्षा बनाए रखने के बजाय सरकार की आलोचनाओं से निपटने में लगाया जा रहा है।

एलंगोवन ने दावा किया कि वे अन्य कामों में लगे हुए हैं। वे पुलिस का दुरुपयोग अपने निजी उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। आज मैंने देखा कि यूट्यूबर मुख्तार और उसके परिवार को पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वे कानून व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय अपने आलोचकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। यही आज का चलन है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई चुनिंदा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता के लिए नहीं है। अगर मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से कुछ होता है, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है। लेकिन पुलिस आम आदमी के लिए नहीं है। इसीलिए ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

एलंगोवन ने राजनीतिक दलों और नागरिक समाज पर इस घटना पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए पिछली सरकारों से तुलना की।

उन्होंने आगे कहा कि अगर यह घटना डीएमके के शासनकाल में हुई होती, तो हर कोई आवाज उठाता। लेकिन अब सब चुप हैं। केवल हमारे विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ही इन घटनाओं पर बोल रहे हैं। उन्होंने बताया है कि कितने अपराध और हत्याएं हुई हैं, लेकिन कोई और इस बारे में नहीं बोलता।

एक अलग मुद्दे पर, एलंगोवन ने प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के प्रति डीएमके के विरोध को दोहराया और कहा कि अभिनेता-राजनेता मुख्यमंत्री विजय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किसी भी मुलाकात का उपयोग तमिलनाडु की चिंताओं को उठाने के लिए करना चाहिए।

एलंगोवन ने कहा कि हमने मेकेदातु का विरोध किया है। इस पर कार्रवाई करना मुख्यमंत्री विजय का काम है। अगर वे प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे हैं, तो उन्हें सफल होना चाहिए। यही हमारी इच्छा है।