भोपाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान असम दौरे के दौरान चाय बागान पहुंचे, जहां उन्होंने महिला श्रमिकों के साथ चाय की पत्तियां तोड़ीं और बातचीत की। इस दौरान उनका वीडियो सामने आया, जिसमें कैमरों की मौजूदगी को लेकर कांग्रेस ने तंज कसते हुए इसे “रील राजनीति” बताया। सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने लिखा कि किसानों के लिए भले कुछ न किया जाए, लेकिन रील के लिए सब कुछ किया जा रहा है। वीडियो में शिवराज के आसपास कैमरा टीम हर एंगल से शूटिंग करती नजर आई, जिसे लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी विदिशा में किसानों के बीच पहुंचे। वे मंडी में गेहूं से भरी ट्रॉली पर चढ़े और किसानों से फसल के दाम और तुलाई को लेकर बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। पटवारी ने किसानों के साथ बैठकर भोजन भी किया और कहा कि प्रदेश से कृषि मंत्री होने के बावजूद उनके संसदीय क्षेत्र में किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने खुद को “असली किसान पुत्र” बताते हुए कहा कि वे किसान के रूप में कृषि मंत्री से मिलने जाएंगे। प्रदेश की राजनीति में किसानों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही खुद को किसानों का हितैषी साबित करने की कोशिश में जुटे हैं।

