नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सहायक कोच रयान टेन डोशेट को नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स ने एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। नीदरलैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज को फ्रेंचाइजी का 'हेड ऑफ क्रिकेट स्ट्रैटेजी' नियुक्त किया गया है। इस नई भूमिका के साथ टेन डोशेट एक बार फिर नाइट राइडर्स परिवार का हिस्सा बन गए हैं। अब वह फ्रेंचाइजी की अलग-अलग टीमों के लिए खिलाड़ियों की खोज, टीम तैयार करने की रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर काम करेंगे।टेन डोशेट की नई जिम्मेदारी काफी अहम होगी। वह खिलाड़ियों की स्काउटिंग, टीम चयन, स्क्वाड प्लानिंग और खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए रणनीति तैयार करेंगे। इसके अलावा वह नाइट राइडर्स की सभी टीमों में एक जैसी क्रिकेट सोच और योजना लागू करने के लिए कोचिंग स्टाफ के साथ मिलकर काम करेंगे।
नाइट राइडर्स ग्रुप की कई टीमें दुनिया की अलग-अलग टी20 लीग में हिस्सा लेती हैं। टेन डोशेट को कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में ट्रिनबागो नाइट राइडर्स, यूएई की इंटरनेशनल लीग टी20 (आईएलटी20) में अबू धाबी नाइट राइडर्स और मेजर लीग क्रिकेट (एमसीएल) में लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स के लिए असिस्टेंट कोच की भूमिका भी निभानी होगी।
अपनी नई जिम्मेदारी मिलने पर टेन डोशेट ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नाइट राइडर्स के साथ दोबारा जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि इस भूमिका में उन्हें फ्रेंचाइजी की कोचिंग और विश्लेषण टीमों के साथ काम करने, खिलाड़ियों के विकास की व्यवस्था को मजबूत करने और लंबे समय की क्रिकेट रणनीति बनाने का मौका मिलेगा।
टेन डोशेट का नाइट राइडर्स के साथ रिश्ता काफी पुराना है। वह साल 2011 में खिलाड़ी के तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से जुड़े थे। उन्होंने 2012 और 2014 में आईपीएल खिताब जीतने वाली केकेआर टीम का हिस्सा रहते हुए अहम योगदान दिया था। इसके बाद साल 2022 में वह फ्रेंचाइजी के कोचिंग स्टाफ से जुड़े और 2024 में केकेआर के तीसरे आईपीएल खिताब जीतने के दौरान सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रहे।
नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स के सीईओ वेंकी मैसूर ने टेन डोशेट की वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि टेन डोशेट को फ्रेंचाइजी की सोच और काम करने के तरीके की गहरी समझ है। उनका अनुभव नाइट राइडर्स के भविष्य के विकास में काफी मददगार साबित होगा। गौरतलब है कि 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच बने गौतम गंभीर की टीम में टेन डोशेट को भी सपोर्ट स्टाफ में शामिल किया गया था। सहायक कोच के तौर पर उन्होंने भारतीय टीम के साथ बल्लेबाजी और फील्डिंग विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने सीमित ओवर क्रिकेट में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और पुरुष टी20 विश्व कप जीता, जबकि 2026 में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव भी किया।
हालांकि, उनका कार्यकाल टेस्ट टीम के बदलाव के दौर में एक मुश्किल समय से भी गुजरा। इस दौरान टीम को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3 से सीरीज हार का सामना करना पड़ा, दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली और ऑस्ट्रेलिया में 2025/26 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी हार का सामना करना पड़ा। टेन डोशेट का भारतीय टीम के साथ अनुबंध जून में समाप्त हो गया था।
हालांकि, वह इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज तक टीम के साथ जुड़े रहे। इस सीरीज में भारत को टी20 और वनडे दोनों में हार का सामना करना पड़ा। टेन डोशेट के भारतीय टीम सेटअप से अलग होने का एक मुख्य कारण टीम के साथ लंबी यात्राएं थीं, जिनके कारण उन्हें लंदन में रहने वाले अपने छोटे बच्चों और परिवार से दूर रहना पड़ता था।




