सतना, अंबिका केशरी। जिले के तराई अंचल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 130 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इस सीजन की यह अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ बताई जा रही है।
बाढ़ के कारण रामघाट और सती अनुसुइया मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं, जबकि गुप्त गोदावरी में भी पानी भरने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आरोग्य धाम मार्ग पर करीब 5 फीट और भरतघाट-रामघाट क्षेत्र में 6 फीट से अधिक पानी भर गया है। रामघाट का प्लेटफॉर्म पूरी तरह डूब गया है और 100 से अधिक दुकानों में पानी घुस गया है।
रामघाट स्थित प्राचीन मत्स्यगजेंद्रनाथ मंदिर जाने का रास्ता भी बंद कर दिया गया है। भरतघाट स्थित आरती स्थल का केवल टीन शेड ही पानी के ऊपर नजर आ रहा है। कामदगिरि मंदिर मार्ग तक पानी पहुंच गया है। यूपी-एमपी बॉर्डर पर पुरानी लंका तिराहे के पास नावें पहुंच गई हैं।
चित्रकूट में करीब 200 दुकानों और सैकड़ों घरों में पानी घुसने की सूचना है। कई सड़कों पर नाव चल रही हैं और दुकानदार अपना सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। हालात को देखते हुए पुलिस ने प्रभावित मार्गों पर बैरिकेडिंग कर बल तैनात किया है। प्रशासन और नगर परिषद की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाओं में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। गुफा परिसर की कई दुकानों में भी पानी भर गया है। प्रशासन ने दुकानदारों और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी है।




