छतरपुर, संजय अवस्थी। जिले में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों की जुताई पूरी होने और खाद-बीज की व्यवस्था कर लेने के बावजूद पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बुवाई शुरू नहीं हो सकी है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। समय पर बारिश नहीं होने से खेती का पूरा चक्र प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
किसान राहुल कुमार पटेल ने बताया कि पिछले वर्ष 25 जून तक अधिकांश खेतों में बुवाई का कार्य पूरा हो गया था, लेकिन इस बार बारिश नहीं होने से खेत सूखे पड़े हैं। किसानों ने बीज खरीद लिए हैं और खेत भी तैयार कर लिए हैं, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण बुवाई शुरू नहीं हो पा रही है। इससे खरीफ सीजन की फसलें लेट होती जा रही हैं।
वहीं किसान प्रतिपाल सिंह का कहना है कि मानसून में देरी के कारण किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। शुरुआती हल्की बारिश के बाद किसानों ने खेतों की जुताई कर खाद और बीज की व्यवस्था कर ली थी, लेकिन उसके बाद बारिश नहीं होने से खेतों में नमी खत्म हो गई। अब अच्छी बारिश होने के बाद ही बुवाई संभव हो सकेगी।
कृषि से जुड़े जानकारों के अनुसार इस वर्ष एक जुलाई तक जिले में औसतन केवल लगभग एक इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक करीब 12 इंच वर्षा हो चुकी थी। बारिश में आई इस बड़ी कमी का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर साफ दिखाई दे रहा है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

