इंदौर। इंदौर के ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार सुबह हुई हृदयविदारक घटना, जिसमें 8 लोगों की असमय मृत्यु हो गई, ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के लिए राहत राशि का ऐलान किया है। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे को एक 'नई चुनौती' करार देते हुए भविष्य के लिए कड़े सुरक्षा मानक तय करने के निर्देश दिए हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनाएं और आर्थिक मदद

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी संदेश में पीएम मोदी ने घटना में हुई जान-माल की हानि पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने लिखा, "इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जनहानि से मुझे गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।"


प्रधानमंत्री ने सहायता के तौर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घटना में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।


मुख्यमंत्री का बयान: ई-कार चार्जिंग अब गंभीर विषय

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे आधुनिक तकनीक से जुड़ी एक नई सुरक्षा चुनौती माना है। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा कि इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान हुई इस दुर्घटना ने प्रशासन के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को इस पूरे मामले की व्यवस्थित और तकनीकी जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाने और चार्जिंग स्टेशनों के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाने की दिशा में काम करेगी।


तकनीकी जांच पर फोकस

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, फॉरेंसिक टीम और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों का एक दल इस बात की पड़ताल कर रहा है कि कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने की मुख्य वजह क्या थी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में घरों के भीतर ई-व्हीकल चार्जिंग और डिजिटल लॉकिंग सिस्टम के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की जा सकती हैं। इंदौर के इस हादसे ने न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश में ई-वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।