छतरपुर, संतोष शिवहरे। तहसील घुवारा के अंतर्गत आने वाले ग्राम स्वारा में अदालती आदेशों के बावजूद एक पीडि़त किसान को उसकी खुद की भूमि पर कब्जा नहीं मिल पा रहा है। विपक्षी पार्टी द्वारा प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना करने का एक मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम स्वारा निवासी पीडि़त खुमना अहिरवार तनय पचुवा अहिरवार ने जिला कलेक्टर छतरपुर को एक आवेदन सौंपकर राजस्व न्यायालय के आदेश का कड़ाई से पालन कराने और अपनी पैतृक भूमि पर वापस कब्जा दिलाए जाने की गुहार लगाई है।


कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार आवेदक खुमना अहिरवार की ग्राम स्वारा में स्थित भूमि है। इस भूमि का 31 मई 2023 को राजस्व अधिकारियों और पटवारी हल्का द्वारा विधिवत सीमांकन किया गया था, जिसकी सूचना अनावेदकगण तुलसी रजक, पप्पू रजक और अशोक रजक सभी निवासी ग्राम घुवारा को दी गई थी और वे मौके पर मौजूद भी थे। सीमांकन के बाद तैयार पंचनामा और फील्डबुक के आधार पर आवेदक ने तहसीलदार न्यायालय घुवारा में अनावेदकों के खिलाफ बेदखली का दावा लगाया था। न्यायालय तहसीलदार ने मामले की सुनवाई करते हुए आवेदक के पक्ष में फैसला सुनाया और अनावेदकों को कब्जा हटाने का आदेश दिया था।


तहसीलदार के इस फैसले के खिलाफ विपक्षी अनावेदकों ने एसडीएम न्यायालय बड़ामलहरा के समक्ष अपील दायर की थी, लेकिन वहां भी उनकी अपील को खारिज कर दिया गया और तहसीलदार घुवारा के आदेश को यथावत रखा गया। इसके बावजूद अनावेदकों ने पीडि़त की भूमि से अपना अवैध कब्जा नहीं हटाया है। प्रशासनिक आदेशों के बाद भी न्याय न मिलने से परेशान पीडि़त ने अब कलेक्टर से आदेशों का कड़ाई से पालन करवाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर उसे अपनी भूमि का वास्तविक कब्जा वापस दिलाने की मांग की है।