हॉस्टल में अव्यवस्था देख भड़के डिप्टी कमिश्नर, हटवाए पूर्व CM और पूर्व कलेक्टर के फ्लैक्स

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बड़ामलहरा, लोकेन्द्र सिंह। आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर गनेश भंडार ने बड़ामलहरा में संचालित छात्रावासों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में भारी लापरवाही और गंदगी मिलने पर उन्होंने छात्रावास अधीक्षकों की जमकर क्लास ली। निरीक्षण के दौरान सबसे ज्यादा नाराजगी 'उत्कृष्ट कन्या छात्रावास' में दिखी, जहां आज भी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व कलेक्टर संदीप जीआर के फ्लैक्स लगे हुए थे।
"बच्चे क्या पुराने फ्लैक्स ही पढ़ेंगे?"
डिप्टी कमिश्नर भंडार उस समय आगबबूला हो गए जब उन्होंने छात्रावास में पुराने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के प्रचार वाले पोस्टर देखे। उन्होंने तत्काल चपरासी को बुलाकर अपने सामने ही सभी फ्लैक्स हटवाए। अधीक्षक को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा, "जब पूर्व अधिकारियों और नेताओं के ही फ्लैक्स लगे रहेंगे, तो बच्चे क्या पढ़ेंगे? क्या वे वही पढ़ेंगे जो वहां लिखा है?" उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षण संस्थानों में केवल शिक्षा से संबंधित सामग्री ही होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान मिलीं प्रमुख खामियां:
अभिलेखों में गड़बड़ी: छात्रावासों में रिकॉर्ड का संधारण (Maintenance) सही तरीके से नहीं मिला।
सफाई का अभाव: परिसरों में चारों तरफ गंदगी पसरी हुई थी, जिस पर डिप्टी कमिश्नर ने गहरी नाराजगी जताई।
नदारद रहे अधीक्षक: अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक मौके पर मौजूद नहीं थे।
छात्रों की शिकायतें: जूनियर छात्रावास के छात्रों ने सुविधाओं को लेकर डिप्टी कमिश्नर से सीधी शिकायतें कीं।
कड़ी कार्रवाई के संकेत
डिप्टी कमिश्नर ने मौके पर मौजूद सभी छात्रावास अधीक्षकों को तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस पूरे निरीक्षण की जांच रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जा रही है, जिसके आधार पर संबंधितों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य अंश: डिप्टी कमिश्नर गनेश भंडार ने उत्कृष्ट बालक और कन्या छात्रावासों का बारीकी से मुआयना किया और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी भी तरह की कटौती न करने की सख्त हिदायत दी।
