छतरपुर, संजय अवस्थी, संदीप यादव। मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। इसके विरोध में आज छतरपुर जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ व हवन किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सद्बुद्धि यज्ञ सत्ता पक्ष को यह याद दिलाने के लिए है कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और न ही नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग स्वीकार्य है।


इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नवनियुक्त जिला कांग्रेस प्रभारी सुखेंद्र सिंह बन्ना, जिला अध्यक्ष गगन यादव, पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी (पज्जन), पूर्व विधायक नीरज दीक्षित सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हवन के बाद जिला समन्वय समिति और नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक भी संपन्न हुई।


मीडिया से बातचीत करते हुए जिला कांग्रेस प्रभारी सुखेंद्र सिंह बन्ना ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा और सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, मोहन यादव मुख्यमंत्री नहीं बल्कि मैं तो यह कहूंगा कि वह मूर्खमंत्री हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार किसानों और नौजवानों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन भाजपा नेताओं को इसका घमंड हो गया है। चुनाव के परिणाम तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन भाजपा की सरकारें—चाहे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार हो या प्रदेश सरकार—सब वोट चोरी, पर्ची और ईवीएम की सरकारें हैं। अगर इनमें दम है, तो बैलेट पेपर से चुनाव करा लें, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।


बन्ना ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को अपनी जुबान संभालनी चाहिए। उन्हें कांग्रेस पर कीचड़ उछालने के बजाय प्रदेश की त्रस्त जनता पर ध्यान देना चाहिए। राज्य में न गैस सिलेंडर मिल रहा है, न किसानों को खाद मिल रही है। महंगाई चरम पर है और डीजल-पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं। कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई है और 70 सालों तक देश को आगे बढ़ाया है, इसलिए मोहन यादव द्वारा दिया गया बयान उन्हें शोभा नहीं देता।


विपक्ष की बात सुननी पड़ेगी, जैसे सुनेंगे वैसे सुनाएंगे: आलोक चतुर्वेदी


पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी ने भी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, हम विपक्ष में हैं, हम इस बात को स्वीकार करते हैं और जनता की लड़ाई मुस्तैदी से लड़ेंगे। चाहे वह महंगाई का मुद्दा हो, किसानों की समस्या हो, युवाओं का रोजगार हो या महिलाओं पर अत्याचार—कांग्रेस हमेशा सड़क पर उतरेगी। लेकिन शासन और प्रशासन को हमारी बात सुननी पड़ेगी। वे हमें कब तक नजरअंदाज करेंगे? वे जैसे सुनेंगे, हम वैसे सुनाएंगे। उन्होंने पन्ना नेशनल पार्क की एक घटना का जिक्र करते हुए प्रशासन पर दोहरे मापदंड (भेदभाव) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जब हमारे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और हम लोग नेशनल पार्क गए, तो हमारे नेताओं की पीओआर काट दी गई। वहीं दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के पूर्व विधायक और महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष को बिना किसी रोक-टोक और अनुमति के अंदर जाने दिया गया।


पंचायत स्तर तक कमेटियों का गठन कर तेज होगा आंदोलन


बैठक के बाद जिला प्रभारी सुखेंद्र सिंह बन्ना ने संगठन की आगामी रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि इस विस्तारित बैठक में महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, सभी मोर्चा प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और नवनियुक्त पदाधिकारी शामिल हुए।


उन्होंने स्पष्ट किया, अब पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन किया जा रहा है। ये कमेटियां गांवों के स्थानीय मुद्दों और गरीब किसानों व आम जनता की परेशानियों को प्रमुखता से उठाएंगी। पंचायत कमेटी, ब्लॉक कमेटी और जिला कमेटी मिलकर इन मुद्दों को एक बड़ा आंदोलन बनाएंगी और आने वाले समय में हम सब छतरपुर जिले के हक के लिए मुस्तैदी से लड़ाई लड़ेंगे।