छतरपुर, संजय अवस्थी। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिना अनुमति और अवैध तरीके से कृषि भूमि पर प्लॉट काटकर आवासीय कॉलोनियां विकसित करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। इस संबंध में आवेदकों ने जिला एवं सत्र न्यायालय छतरपुर के अधिवक्ता प्रशांत सिंह भदौरिया के नेतृत्व में पवित्र बाजपेयी, भूपेन्द्र पाल और कपिल तिवारी के साथ मिलकर कलेक्टर छतरपुर को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है। सौंपे गए पत्र में जिले के विभिन्न मौजों के अंतर्गत आने वाले कई खसरा नंबरों पर हो रहे अवैध प्लाटिंग के कारोबार को उजागर करते हुए तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई गई है।


शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि जिले में निडर और निर्भीक होकर भू-माफिया सक्रिय हैं, जो मध्य प्रदेश शासन और माननीय मुख्यमंत्री की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं। ये तत्व कृषि भूमि को बिना किसी व्यावसायिक डायवर्शन, वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस और रेरा रजिस्ट्रेशन के छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर आम जनता को बेच रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण शासन को भारी मात्रा में राजस्व की क्षति हो रही है और कॉलोनाइजर एक्ट का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। अविकसित स्थिति में बेचे जा रहे इन प्लॉटों के कारण भविष्य में आम नागरिकों को पानी, बिजली, सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलने की कोई गारंटी नहीं है, जिससे सीधे तौर पर जनता के साथ छलावा किया जा रहा है।


आवेदन में ग्राम गौरगांय, मौजा धमर्रा, मौजा रंगौलिया, मौजा सौरा, मौजा बगौता, मौजा छतरपुर और मौजा पलौठा के दर्जनों विशिष्ट खसरा नंबरों का ब्यौरा दिया गया है, जहां धड़ल्ले से अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा है। आवेदकों ने शिकायत के समर्थन में डिजिटल और फोटोग्राफिक साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं, जिनमें सड़कों और आवासीय प्रयोजन की अवैध जमीनी स्थिति को साफ देखा जा सकता है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन की मंशा को ध्यान में रखते हुए चिन्हित खसरा नंबरों की जमीनी जांच (मौका मुआयना) कराई जाए और संबंधित राजस्व अधिकारियों से तत्काल प्रतिवेदन तलब किया जाए। इसके साथ ही इन चिन्हित अवैध कॉलोनियों में जमीनों के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर तुरंत रोक लगाई जाए तथा उक्त कॉलोनियों का प्रबंधन सक्षम अधिकारियों को सौंपकर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक व कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।