भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम हेतु ₹10 लाख शुल्क वसूले जाने के आरोपों पर तीखा हमला बोला है। जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'अंग्रेजों के समय भी सभाओं के लिए फीस नहीं लगती थी' और आरोप लगाया था कि 'आरएसएस के कार्यक्रमों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता'। इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे कांग्रेस की दोहरी नीति और वास्तविक चरित्र करार दिया।
'पहले ₹1 करोड़ देने की बात कह रहे थे, अब ₹10 लाख पर हाय-हाय'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा: अनुमति और शुल्क पर तंज: "पहले कांग्रेस आरोप लगा रही थी कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी जा रही। जब प्रशासनिक नियमों के तहत अनुमति मिली, तो वे शुल्क पर सवाल उठा रहे हैं। पहले कांग्रेस नेता कह रहे थे कि अगर ₹1 करोड़ भी लगे तो देंगे, अब ₹10 लाख का शुल्क तय होने पर हाय-हाय मचा रहे हैं।"
सीएम ने कांग्रेस पर लोकतंत्र को कलंकित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आपातकाल लगाकर निर्दोष लोगों को जेलों में ठूंसने और अत्याचार करने वाली कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने अतीत में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन वहां कैबिनेट में एक भी महिला मंत्री को जगह नहीं दी गई, जो कांग्रेस की महिलाओं के प्रति सोच को उजागर करता है। सीएम ने उम्मीद जताई कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपने दौरे में केन-बेतवा लिंक परियोजना और राज्य के विकास पर सकारात्मक सुझाव देंगे।
सेवा संकल्प अभियान: 290 स्थानों पर रक्तदान, 6,744 यूनिट रक्त एकत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुए 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत मुख्यमंत्री भोपाल के जेपी अस्पताल पहुंचे और रक्तदान शिविर का जायजा लिया: प्रदेश भर में 290 से अधिक स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें कार्यकर्ताओं और युवाओं के उत्साह से खबर लिखे जाने तक 6,744 यूनिट से अधिक ब्लड डोनेट किया जा चुका था। 50 लाख परिवारों को एक महीने में मिलेगी फ्री रजिस्ट्री
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बताया
राज्य सरकार प्रदेश के 50 लाख से अधिक हितग्राहियों को एक महीने के भीतर निःशुल्क रजिस्ट्री कराकर कानूनी मालिकाना हक (अधिकार अभिलेख) सौंपेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि केवल पट्टा देने से ग्रामीणों को बैंकों से लोन या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता था, इसलिए इंदौर से इस देशव्यापी ऐतिहासिक पहल की औपचारिक शुरुआत की जा रही है।




