छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। आदिवासी विभाग द्वारा संचालित स्कूल के करीब 50 से 60 बच्चे अपने अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ करीब 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने शिकायत दर्ज कराई।


बच्चों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल में पदस्थ दो अतिथि शिक्षकों की कथित आपत्तिजनक नजदीकी और लापरवाही के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। आरोप है कि स्कूल में निर्धारित समय से पहले कक्षाएं समाप्त कर दी जाती थीं और इसके बाद दोनों शिक्षक स्कूल परिसर के एक कमरे में समय बिताते थे।


शिकायत सामने आने के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच के बाद दोनों अतिथि शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से हटा दिया गया। विभागीय आदेश में उनके भविष्य में शिक्षण कार्य के लिए अपात्र किए जाने की बात भी सामने आई है।


वहीं, स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पूरे मामले ने स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


इस मामले की सबसे अहम बात यह रही कि अपनी पढ़ाई को लेकर बच्चे खुद करीब 100 किलोमीटर का सफर तय कर जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी। फिलहाल विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई जारी है। मामला यह सवाल जरूर खड़ा करता है कि जब बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए प्रशासन तक पहुंच सकते हैं, तो स्कूलों की नियमित निगरानी के लिए जिम्मेदार तंत्र आखिर कहां था?