ग्वालियर। डबरा-ग्वालियर हाईवे पर मंगलवार देर रात एक रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। एक तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई, जिसके बाद कार में लगी भीषण आग में छतरपुर के दो होनहार युवकों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान छतरपुर निवासी अवधेश विश्वकर्मा (32) और रामजी सोनी (33) के रूप में हुई है।


कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 2 बजे के आसपास हुआ। तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि कार चला रहे अवधेश को नींद का झोंका आ गया, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर 11 केवी के बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि खंभा टूट गया और बिजली के हाई-वोल्टेज तार कार पर गिर गए। इसी दौरान कार पलट गई और उसमें आग लग गई।


पटाखों ने आग को बनाया विकराल

हादसे के वक्त कार में शादी समारोह से बचे हुए कुछ पटाखे भी रखे थे। जैसे ही बिजली के तारों से निकली चिंगारी और टक्कर के घर्षण से आग भड़की, पटाखों ने उसे और भी विकराल बना दिया। कार के आगे के दरवाजे लॉक हो जाने के कारण अवधेश और रामजी अंदर ही फंस गए और उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। वहीं, पीछे की सीट पर बैठे अविनाश झा टक्कर के प्रभाव से कार से बाहर गिर गए, जिससे उनकी जान बच गई।


राहगीरों की कोशिशें रहीं नाकाम

प्रत्यक्षदर्शियों और अविनाश ने आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयावह थी कि कोई भी कार के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो गई और दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुँची पुलिस और फायर ब्रिगेड जब तक आग पर काबू पाती, तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी और अंदर केवल कंकाल ही शेष बचे थे।


परिवारों में छाया मातम

इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही छतरपुर में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक अवधेश विश्वकर्मा फाइनेंसिंग का काम करते थे। उनकी शादी महज दो साल पहले हुई थी और उनका 9 महीने का एक छोटा बेटा है। वहीं, रामजी सोनी शहर के जाने-माने सोने-चांदी के व्यापारी थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचना दे दी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।