छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सोशल मीडिया पर रिश्वत के लेन-देन का वीडियो वायरल होने के बाद, कलेक्टर (भू-संसाधन प्रबंधन) जिला छतरपुर ने सख्त कदम उठाते हुए बक्सवाहा तहसील के राजस्व निरीक्षक (RI) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बक्सवाहा तहसील के अंतर्गत आने वाले राजस्व निरीक्षक मण्डल बाजना के आर.आई. कुंजीलाल प्रधान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे कृषकों (किसानों) को भूमि का कब्जा दिलाने के एवज में सरेआम पैसे लेते और पैसों के लेन-देन की बातचीत करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे।

इस गंभीर मामले पर तहसीलदार बक्सवाहा द्वारा 8 जुलाई 2026 को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। वायरल वीडियो की जांच में प्रथम दृष्टया मामला सही और प्रमाणित पाया गया।


कलेक्टर ने आदेश में क्या कहा?

छतरपुर कलेक्टर द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 114) में स्पष्ट कहा गया है कि राजस्व निरीक्षक श्री कुंजीलाल प्रधान का यह कृत्य शासकीय सेवा के कदाचरण, लोक सेवक के आचरण के प्रतिकूल, अमर्यादित स्वेच्छाचारिता और गंभीर लापरवाही का परिचायक है। उनका यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 उप नियम (1)(2)(3) के तहत दंडनीय है।


निलंबन और मुख्यालय में बदलाव

कलेक्टर ने म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण अपील 1966 के नियम 9 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए श्री कुंजीलाल प्रधान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

  • नया मुख्यालय: निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय 'कार्यालय कलेक्टर, भू-संसाधन प्रबंधन, जिला छतरपुर' नियत किया गया है।
  • भत्ता: निलंबन अवधि के दौरान उन्हें म.प्र. मूलभूत नियम 53 के तहत जीवन निर्वाह/निलंबन भत्ता देय होगा।

यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी प्रतियां आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन (ग्वालियर), कमिश्नर (सागर संभाग), और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई हैं। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।