टीकमगढ़, मो​हसिन अहमद। जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर गांव में रविवार सुबह उस वक्त भारी सनसनी और आक्रोश फैल गया, जब अपने खेत पर सो रहे एक बुजुर्ग दंपती की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी। हत्यारों ने वारदात को छुपाने और गुमराह करने के उद्देश्य से दोनों के शवों को खेत से उठाकर मुख्य सड़क के किनारे फेंक दिया था। सुबह ग्रामीणों द्वारा शव देखे जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्राथमिक तफ्तीश और पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस इसे जमीनी रंजिश से जुड़ा मामला मान रही है।


मूल रूप से बछोड़ा के निवासी थे मृतक, ससुराल की जमीन पर चल रहा था विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग की पहचान चेनु घोष और उनकी पत्नी श्रीमती पानाबाई के रूप में हुई है। दंपती मूल रूप से बछोड़ा गांव के रहने वाले थे, लेकिन अपने हिस्से की कृषि भूमि की देखभाल के लिए वे काफी समय से रामनगर स्थित ससुराल पक्ष के क्षेत्र में ही मकान बनाकर रह रहे थे। ग्रामीणों और रिश्तेदारों के मुताबिक, चेनु घोष का उनके ससुराल पक्ष के कुछ लोगों से जमीन के एक टुकड़े को लेकर लंबे समय से गंभीर विवाद और मनमुटाव चल रहा था, जिसे इस दोहरे हत्याकांड की मुख्य वजह माना जा रहा है।


देर रात १२ से ३ बजे के बीच हुआ हमला, साक्ष्य मिटाने की कोशिश

घटना की सूचना मिलते ही दिगौड़ा थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम डॉ. प्रदीप यादव के नेतृत्व में तड़के ही मौके पर पहुंच गई।


फॉरेंसिक टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट:

"हमें सुबह करीब 5 बजे इस घटना की आधिकारिक सूचना मिली थी। घटनास्थल के निरीक्षण और शवों की स्थिति से साफ है कि दंपती शनिवार रात खेत पर बने टपरे में सो रहे थे, तभी रात 12 से 3 बजे के बीच अज्ञात हमलावरों ने उन पर लाठियों और भारी हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं। मर्डर के बाद साक्ष्य मिटाने और घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए शवों को घसीटकर सड़क किनारे फेंका गया।"

- डॉ. प्रदीप यादव, FSL अधिकारी


पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम (PM) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत के सटीक कारणों और समय की विस्तृत पुष्टि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।


टीकमगढ़ में बढ़ते अपराधों पर फूटा गुस्सा, पुलिसिंग पर उठे गंभीर सवाल

इस नृशंस हत्याकांड के बाद रामनगर और आसपास के गांवों में भारी दहशत के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के खिलाफ गहरा असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने पुलिस के आला अधिकारियों से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। गौरतलब है कि टीकमगढ़ जिले में पिछले कुछ समय से कानून-व्यवस्था के हालात बिगड़े हैं। महज एक महीने पहले ही टीकमगढ़ शहर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी, जिसका सुराग लगाने में पुलिस आज तक पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। इस पुराने मामले को लेकर स्थानीय टीकमगढ़ विधायक भी पुलिस अधीक्षक (SP) से लिखित में जवाब तलब कर चुके हैं। ऐसे में इस दोहरे हत्याकांड ने जलती आग में घी का काम किया है और पुलिस की गश्त प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।