छतरपुर, संजय अवस्थी। आबकारी विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 कंपोजिट शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इन दुकानों का कुल वार्षिक मूल्य करीब 85 करोड़ रुपये है। लाइसेंस रद्द होने के बाद विभाग ने सभी दुकानों का संचालन अपने नियंत्रण में ले लिया है।

पहली बार हुआ ऐसा मामला

यह जिले में पहली बार हुआ है जब ठेकेदार ने वित्तीय वर्ष शुरू होने के महज तीन महीने बाद ही शराब दुकानों का संचालन छोड़ दिया। छत्रसाल बेवरेज और भोले विश्वनाथ एसोसिएट के नाम से चल रही इन दुकानों पर बकाया लाइसेंसी शुल्क जमा न करने के कारण यह सख्त कार्रवाई की गई।

प्रभावित क्षेत्र:
राजनगर, खजुराहो, बमीठा, गंज, बसारी, चंदनगर, टोरिया टेक, शहर क्षेत्र, गठोरा, सारनी और हरपालपुर समूह की कुल 20 दुकानें शामिल हैं। इनमें शहर की करीब 10 दुकानें भी हैं।

विभाग की सफाई

आबकारी विभाग के सहायक जिला आबकारी अधिकारी रामआसरे चतुर्वेदी ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को इन दुकानों का निष्पादन किया गया था। ठेकेदारों ने केवल तीन महीने की लाइसेंसी फीस जमा की थी, जबकि शेष नौ महीने का भुगतान बकाया है। इसी कारण लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।

विभाग ने सभी दुकानों का कब्जा ले लिया है। कई दुकानों में शराब का स्टॉक खत्म हो चुका है, जिससे फिलहाल बिक्री प्रभावित हो रही है। यदि ठेकेदारों ने स्टॉक हटा लिया या दुकानें खाली करके सौंपी हैं, तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।

आगे क्या?

  • 4 जुलाई 2026 को इन दुकानों के लिए नई निविदा (री-टेंडर) खोली जाएगी।
  • यदि किसी दुकान के लिए बोली नहीं आई तो आबकारी विभाग खुद इनका संचालन जारी रखेगा।
  • विभाग अपने कर्मचारियों की आईडी बनाकर दुकानों को सुचारू रूप से चलाएगा।

इस कार्रवाई से शासन को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था, जिसे रोकने के लिए विभाग ने तुरंत कदम उठाए हैं।