नई दिल्ली, 6 मई । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनावी हार के बाद इस्तीफा देने से इनकार करने और पंजाब में हाल ही में हुए धमाकों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और उसे स्वीकार करना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
चुघ ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान सवाल उठाते हुए कहा कि जब ईवीएम और चुनाव आयोग के जरिए ममता बनर्जी सत्ता में आईं, तब सब कुछ सही था, लेकिन जब जनता ने उन्हें नकार दिया तो वही व्यवस्था अचानक गलत कैसे हो गई।
उनके मुताबिक, भारत का लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है और जो जनादेश को स्वीकार नहीं करता, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय अहंकार का परिचय देता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की जनता ने स्पष्ट जनादेश देकर ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर कर दिया है, ऐसे में उनका मुख्यमंत्री पद पर बने रहने की कोशिश लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण में निहित होती है और ममता बनर्जी अब जनता का समर्थन खो चुकी हैं।
पंजाब में हाल ही में दो स्थानों पर हुए विस्फोटों को लेकर भी चुघ ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य पंजाब पहले से ही नशे की समस्या से जूझ रहा है और अब सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जा रहा है तो कभी सेना के कैंप के आसपास धमाके हो रहे हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
चुघ के मुताबिक, इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और सरकार केवल खोखले दावों और दिखावटी बयानों में उलझी हुई है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।

