भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद नगरीय विकास एवं आवास मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की प्रक्रिया, किसानों के हित, स्वामित्व योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास सहित अनेक विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है और 30 जुलाई तक आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर 5 जून से 21 जून तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सरकार और संगठन सेवा अभियान के माध्यम से जनसंपर्क करेंगे।


कैबिनेट में किसानों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में 13 लाख 42 हजार किसानों से गेहूं उपार्जन किया गया, जो देश में सर्वाधिक बताया गया। इसके अलावा मूंग और उड़द की खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। किसान कल्याण वर्ष के तहत मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। पशुपालकों की सुविधा के लिए ‘गोरस मोबाइल एप’ भी शुरू किया गया है।


बैठक में स्वामित्व योजना को मंजूरी देते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 48 लाख 32 हजार निजी और 19 हजार शासकीय संपत्तियों का चिन्हांकन किया गया है। वर्षों से अपने मकानों और जमीनों पर निवास कर रहे लेकिन रजिस्ट्री से वंचित लोगों को निःशुल्क रजिस्ट्री कर वास्तविक मालिकाना हक दिया जाएगा। इस योजना से लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा तथा उन्हें स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क से राहत मिलेगी। सरकार पर इस योजना से लगभग 3800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा। रजिस्ट्री मिलने के बाद संपत्ति मालिक बैंक से ऋण लेने के भी पात्र हो सकेंगे।


स्वास्थ्य क्षेत्र में 17 हजार करोड़ रुपये की मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी गई। वहीं इंदौर जिला न्यायालय भवन निर्माण के लिए 626 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित राशि स्वीकृत की गई। शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सिलाई कर तैयार की गई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए गारमेंट उद्योगों को टेंडर दिए जाएंगे।


कैबिनेट बैठक में भोजशाला दर्शन, सरस्वती लोक निर्माण, जल गंगा संवर्धन अभियान और पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सरकार के अनुसार जल संरक्षण के लिए 6330 करोड़ रुपये की लागत से दो लाख से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण एवं विकास किया गया है, जबकि पीएम सूर्य घर योजना से प्रदेश के लगभग 40 लाख घरों को लाभ मिल रहा है।

छतरपुर, उज्जैन, सिवनी, दमोह और बुधनी में बन रहे मेडिकल कॉलेजों के लिए 1200 करोड़ की भारी बजट स्वीकृति

मध्य प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और चिकित्सा शिक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। सरकार ने राज्य के पांच प्रमुख शहरों—छतरपुर, उज्जैन, सिवनी, दमोह एवं बुधनी में पहले से ही निर्माणाधीन (बन रहे) नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों (मेडिकल कॉलेजों) के भवन निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 1200 करोड़ रुपये की भारी राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है। कैबिनेट के इस फैसले से स्वीकृत बजट के अनुसार इन सभी पांचों जिलों में मेडिकल कॉलेज के भव्य भवनों का निर्माण कार्य अब और तेजी से पूरा हो सकेगा, जिससे स्थानीय और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को जल्द से जल्द अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही, इन मेडिकल कॉलेजों के पूर्ण होने से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सीटों का इजाफा होगा और युवाओं को डॉक्टर बनने के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। सरकार ने इस 1200 करोड़ रुपये की राशि को तत्काल आवंटित करने और निर्माण कार्य को समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।