लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से शहजाद भट्टी मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस नेटवर्क से जुड़े अब तक 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 12 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आरोपियों के पास से पिस्टल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील लिक्विड और आपत्तिजनक पोस्टर बरामद हुए थे।


26 मई को केंद्रीय एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान में करीब 175 संदिग्धों को खंगाला गया था। नेटवर्क से जुड़े करीब 60 संदिग्धों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई थी। 12 अगस्त को प्रदेश स्तर पर संयुक्त ऑपरेशन चलाकर करीब 62 लोगों से पूछताछ की गई थी। यूपी पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने और कट्टरपंथ की ओर धकेलने का आरोप है।


जुलाई 2026 में यूपी पुलिस ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकी घोषित कर चौथी अनुसूची में शामिल करने की केंद्र से सिफारिश की थी। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि नेटवर्क को ध्वस्त करने और प्रभावी अंकुश लगाने की कार्रवाई लगातार जारी है।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में घोषणा की कि 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने शहजाद भट्टी मॉड्यूल को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि 14 राज्यों में चलाए गए समन्वित अभियानों के जरिए इस नेटवर्क के 200 से ज्यादा सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।


जांच में शामिल अधिकारियों ने कहा था कि भट्टी मॉड्यूल उनके सामने आए सबसे मुश्किल मॉड्यूलों में से एक था। जिस आसानी से वह भारतीय युवाओं की भर्ती कर रहा था, वह चिंताजनक था। भट्टी युवाओं को अपनी बातों में फंसाने में कामयाब रहा और बहुत कम पैसे देकर अपने साथ जोड़ लेता था। आईएसआई द्वारा भारत में एक बड़ा मॉड्यूल चलाने के लिए चुने जाने से पहले भट्टी एक इन्फ्लुएंसर था। वह युवाओं को आसानी से अपने साथ जुड़ने के लिए मना लेता था।