अजयगढ़ (मोहम्मद मुस्तकीम )। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ अजयगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एक निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी अचानक भरभराकर धंस गई। इस भीषण हादसे में मलबे के नीचे दबने से 5 मजदूरों की मौके पर ही दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान आशीष यादव, राजकुमार यादव, रामपाल यादव, चुन्नू यादव और चुनवाद पाल के रूप में हुई है। इस दुखद हादसे की सबसे गंभीर बात यह है कि जान गंवाने वाले मजदूरों में से चार (आशीष, राजकुमार, रामपाल और चुन्नू यादव) एक ही परिवार के सदस्य थे, जिससे पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।


मिली जानकारी के अनुसार, यह निर्माण कार्य विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना (वीबी जी राम जी) के तहत कराया जा रहा था। बीहरपुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले 10 दिनों से 7 मजदूर कुएं की खुदाई के कार्य में लगे हुए थे। मंगलवार दोपहर को जब कार्य चल रहा था, तभी अचानक दो मजदूर पानी पीने के बहाने कुएं से बाहर सुरक्षित निकल आए, और उनके बाहर आते ही पीछे से गीली मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे अंदर काम कर रहे अन्य पांचों मजदूर गहरे मलबे में समा गए।


ग्रामीणों ने खुद मंगाकर चलाई जेसीबी, प्रशासनिक देरी से फूटा गुस्सा

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि घटना सुबह 10 बजे की है, लेकिन स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला सूचना दिए जाने के बावजूद करीब 3 घंटे की देरी से दोपहर 1 बजे मौके पर पहुंचा। इस प्रशासनिक लापरवाही और देरी से आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद ही निजी स्तर पर जेसीबी मशीन का इंतजाम किया और मलबे को हटाने का काम शुरू किया। मलबे से सबसे पहले राजकुमार यादव और चुनवाद पाल के शवों को बाहर निकाला गया, जिसके बाद एक-एक कर अन्य तीन मजदूरों के शव भी बरामद किए गए। परिजनों का सीधा आरोप है कि यदि सरकारी रेस्क्यू टीम समय पर आ जाती, तो शायद उनके अपनों की जान बचाई जा सकती थी।


ज्यादा मजदूरी का लालच देकर खतरनाक जगह पर कराया काम

मृतक के परिजन राकेश यादव ने रोते हुए सरपंच पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि यह कुआं पिछले साल की खुदाई और पानी के रिसाव के कारण पहले से ही काफी कटा हुआ और खतरनाक स्थिति में था। कोई भी मजदूर वहाँ काम करने को तैयार नहीं था। लेकिन सरपंच को इस खतरे का पहले से आभास होने के बावजूद, उसने मजदूरों को बुलाने के लिए सामान्य मजदूरी दर 350 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए करने का लालच दिया। गरीब मजदूर चंद पैसों के लालच में आकर काम करने चले गए और इस प्रशासनिक व व्यवस्थागत लापरवाही की बलि चढ़ गए। राकेश ने रोते हुए मांग की कि उनकी आवाज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचनी चाहिए ताकि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सके।


प्रशासन का दावा

PRO Panna द्वारा जारी आधिकारिक सोशल मीडिया बयान के अनुसार, पन्ना जिले के अजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा में मंगलवार को निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में पांच व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। प्रशासन का दावा है कि हादसे के समय 2 व्यक्ति सकुशल बाहर निकलने में कामयाब रहे। घटना की सूचना मिलते ही मौका स्थल पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तत्परता से मौजूद रही। एसडीआरएफ (SDRF) की टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक मलबे से 2 शवों को बाहर निकाला जा चुका है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।


कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलने पर पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार तुरंत मौका स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और जो भी अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि इसमें दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


मुख्यमंत्री ने जताया दुख, 4-4 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पन्ना में हुई इस हृदयविदारक दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना अत्यंत दुखद है और शोकाकुल परिवारों के साथ उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि तुरंत उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।