बद्रीनाथ, रोहित पाठक। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उत्तराखंड स्थित नारायण पर्वत और बद्रीनाथ क्षेत्र में चल रही 21 दिवसीय एकांत नारायण एवं हनुमत साधना पूर्ण हो गई है। साधना पूर्ण होने के बाद बागेश्वर सरकार की भक्तों के बीच की दिव्य तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें श्रद्धालु आस्था, तपस्या और आध्यात्मिक शक्ति का अद्भुत स्वरूप मान रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, बागेश्वर सरकार ने साधना के पहले 11 दिन नारायण पर्वत पर विशालकाय चट्टान के नीचे बनी एक छोटी गुफा में पूर्ण एकांतवास में बिताए। इस दौरान उन्होंने कठोर तप, भगवान विष्णु की आराधना और पर्वत की परिक्रमा की। वहीं शेष 10 दिनों तक प्राचीन खाकचौक हनुमान मंदिर में हनुमान साधना एवं विशेष पूजा-अर्चना की गई।
साधना पूर्ण होने के अंतिम दिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु बद्रीनाथ स्थित खाकचौक हनुमान मंदिर में बागेश्वर सरकार के दर्शन के लिए उपस्थित रहे। भक्तों ने बताया कि उनकी साधना निर्विघ्न संपन्न हो, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ और सामूहिक हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया।
इस दौरान अयोध्या के हनुमानगढ़ी से राजूदास जी महाराज भी विशेष रूप से पहुंचे और बागेश्वर सरकार से मुलाकात कर उनकी 21 दिवसीय साधना पर चर्चा की। साधना के दौरान बालक योगेश्वरदास जी महाराज भी उनके साथ रहे और उन्होंने भी नारायण पर्वत की पवित्र परिक्रमा पूर्ण की।
बताया गया कि इस कठिन साधना के दौरान बागेश्वर सरकार ने दुर्गम पहाड़ियों में लगभग 13 घंटे पैदल यात्रा कर 15 हजार फीट ऊंचाई तक स्थित बर्फीले पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचकर तपस्या की। साधना पूर्ण होने के बाद बागेश्वर सरकार ने कहा कि उन्हें इन 21 दिनों में बागेश्वर धाम के श्रद्धालुओं और अनुयायियों की बहुत याद आई। इस दौरान उन्होंने भक्तों के बीच एक फिल्मी गीत भी गुनगुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे।

