ढाका, 1 जून । बांग्लादेश में खसरे और उससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटों में (रविवार से सोमवार) खसरे के मिलते-जुलते लक्षणों के कारण तीन और बच्चों की मौत हो गई, जिससे मृतक संख्या बढ़कर 588 हो गई है।

मीडिया आउटलेट यूएनबी ने स्वास्थ्य महानिदेशालय (डीजीएचएस) की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के हवाले से बताया कि पिछले 24 घंटों में 1,134 संदिग्ध मामले सामने आए। इसके साथ ही 15 मार्च से अब तक कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 72,070 हो गई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण को नियंत्रित करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी, टीकाकरण और उपचार संबंधी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि खसरे के कारण 90 और इससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण 498 बच्चों ने जान गंवाई है।

डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले (सोमवार सुबह 8 बजे तक) 24 घंटों में 45 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 9,094 तक पहुंच गई है।

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 15 मार्च से अब तक मिलते-जुलते लक्षणों से जूझ रहे कुल 57,902 बीमार बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 53,722 की सेहत सुधर गई।

ढाका ट्रिब्यून ने डीजीएचएस के बुलेटिन के आधार पर कहा कि संदिग्ध मौत सिलहट, मैमनसिंह और खुलना जिलों में रिकॉर्ड की गई।

खसरे के बढ़ते मामलों ने बांग्लादेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लापरवाही उजागर कर दी है। 30 अप्रैल को साइंस डॉट ओआरजी में एक रिपोर्ट छपी थी, जिसके मुताबिक 18 महीने रही मोहम्मद यूनुस सरकार के ढुलमुल रवैये ने स्थिति को बेकाबू कर दिया। इसके अनुसार, खसरे ने महामारी का रूप इसलिए लिया क्योंकि, कथित तौर पर, अंतरिम सरकार ने यूनीसेफ के माध्यम से वैक्सीन खरीद रोक दी थी और उसकी जगह ओपन टेंडर प्रणाली अपनाने का फैसला ले लिया था।

इस कदम के बारे में पहले से चेतावनी दी गई थी कि इससे नियमित टीकाकरण बाधित हो सकता है और प्रकोप फैलने का खतरा बढ़ सकता है। आखिरकार, हुआ भी ऐसा ही।

यही वजह है कि सरकार ने आगामी मानसून सीजन में डेंगू जैसी मच्छर जनित रोगों से बचाव को लेकर योजना बनानी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन ने सोमवार को कहा कि सरकार डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी से निपटने की तैयारी के तहत पूरे बांग्लादेश में उपजिला हेल्थ कॉम्प्लेक्स में डेंगू कॉर्नर बना रही है। इसके तहत चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।