लंदन। होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर से खतरा टला नही है। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) एजेंसी ने सोमवार को कहा कि जलमार्ग में जहाजों के खिलाफ हमले और उन्हें परेशान करने की घटनाएं जारी हैं। इसके चलते यहां से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य स्तर की तुलना में काफी कम हो गई है।
यूकेएमटीओ के मुताबिक, शनिवार को एक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के टैंकर को स्ट्रेट में निशाना बनाया गया। एजेंसी ने कहा कि फिलहाल होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही ‘कम स्तर’ पर है और रोजाना होने वाले ट्रांजिट की संख्या एक अंक तक सिमट गई है।
एजेंसी ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। इनमें वाणिज्यिक जहाजों को रेडियो पर संपर्क करना या उन्हें रोकने की कोशिश करना, ड्रोन के जरिए जहाजों के ऊपर उड़ान भरना और चुनिंदा जहाजों की निगरानी करना शामिल है।
यूकेएमटीओ ने कहा कि इन गतिविधियों से संकेत मिलता है कि ईरान प्रमुख समुद्री मार्गों पर अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर दबाव कायम रखना चाहता है।
खतरा केवल निगरानी और उत्पीड़न तक सीमित नहीं है। एजेंसी के अनुसार, प्रोजेक्टाइल हमलों और जहाजों के बेहद करीब विस्फोट जैसी घटनाएं भी जारी हैं। इनमें खास तौर पर ओमान के दक्षिणी समुद्री क्षेत्र-लीमाह, खासाब और कुमजार के आसपास के रास्ते शामिल हैं।
यूकेएमटीओ ने समुद्री कंपनियों और जहाजों को एक और गंभीर खतरे को लेकर आगाह किया है। एजेंसी के मुताबिक, जलडमरूमध्य में बहती हुई या सही स्थान पर दर्ज नहीं की गई समुद्री बारूदी सुरंगों (माइन्स) का जोखिम अभी भी मौजूद है। ऐसी स्थिति में जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग तय करना और नेविगेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से वैश्विक बाजारों तक तेल और गैस पहुंचाने वाले जहाजों के लिए यह प्रमुख रास्ता है। इसलिए यहां लंबे समय तक जारी तनाव का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।
यही कारण है कि यूकेएमटीओ ने मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा जोखिम को ‘गंभीर’ बनाए रखा है और जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।




