गुवाहाटी, 26 मई । असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नव निर्वाचित भाजपा विधायक भूपेन बोरा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के राज्य के लिए दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के नेतृत्व में राज्य में बड़ा आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन हो रहा है।

विधानसभा की कार्यवाही के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गरीबी उन्मूलन, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य सेवा और महंगाई नियंत्रण से संबंधित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।

गरीबी के स्तर पर हाल ही में हुए सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री सरमा ने विश्वास जताया है कि अगले पांच वर्षों में असम में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से गिरावट आएगी।

बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह दावा नहीं किया कि गरीबी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के प्रतिशत को न्यूनतम स्तर तक लाने के लिए काम करेगी।

उन्होंने असम में 2028-29 तक 10 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य सरकार के लक्ष्य की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत रोडमैप यथार्थवादी और विकासोन्मुखी प्रतीत होता है।

बोरा के अनुसार, औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि यदि निवेशकों को उचित सुविधाएं और सहायता प्रदान की जाए, तो आर्थिक विकास स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा और रोजगार सृजन में भी सुधार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगारी का व्यावहारिक समाधान सरकारी नौकरियों पर पूर्ण निर्भरता नहीं है।

भाजपा विधायक ने स्वास्थ्य सेवा, विशेष रूप से मातृ एवं शिशु कल्याण पर राज्य सरकार के विशेष ध्यान को भी उजागर किया।

बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री सरमा ने मातृ मृत्यु दर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और हाल के वर्षों में दर्ज सुधारों के बावजूद स्वास्थ्य क्षेत्र में और सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार मुद्रास्फीति से निपटने और आम जनता को राहत प्रदान करने के उपायों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है।

न्यायिक मामलों पर बोलते हुए बोरा ने कहा कि न तो राज्य विधानसभा और न ही राजनीतिक नेताओं को अदालती कार्यवाही में हस्तक्षेप करना चाहिए, और कहा कि कानूनी प्रक्रियाएं स्वतंत्र रूप से चलती रहनी चाहिए।

पूर्व कांग्रेस नेता ने विपक्ष की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएं पार कर दीं, जिसे उनके अनुसार हाल ही में हुए राज्य चुनावों में असम की जनता ने नकार दिया।

हाल ही में संपन्न हुए असम विधानसभा चुनावों से पहले भूपेन बोरा के राजनीतिक दल-बदल ने राज्य के राजनीतिक हलकों में काफी ध्यान आकर्षित किया था।

बोरा पहले असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।

भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें बिहपुरिया विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहां बोरा विजयी हुए।