जबलपुर। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है। बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के कटाव नाले पर पानी का भारी उफान होने के बावजूद एक बोलेरो वाहन ने उसे पार करने का प्रयास किया। इस दुस्साहस के चलते वाहन अनियंत्रित होकर नदी के तेज बहाव में बह गया। बोलेरो में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें से तीन को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि वाहन चालक की डूबने से मौत हो गई।
गहराई का अंदाजा न होने से हुआ हादसा
प्रांभिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो वाहन एक शराब कंपनी से जुड़ा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने नाले में पानी की गहराई और उसके तेज बहाव का सही अंदाजा नहीं लगाया था। जैसे ही गाड़ी नाले के बीचों-बीच पहुंची, पानी के रौद्र रूप ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे की चीख-पुकार सुनकर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे तीन लोगों को तो सकुशल बाहर खींच लिया गया, लेकिन चालक रवि पिल्ले (निवासी कैंट, जबलपुर) को बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
राजगढ़ के पचोर में भी आफत की बारिश
जबलपुर के अलावा मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में भी मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई है। यहां कई मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे सड़कों पर खड़े कुछ वाहन पानी के तेज बहाव में तैरने और बहने लगे। स्थिति को भांपते हुए स्थानीय नागरिकों ने रस्सियों के सहारे बड़ी मशक्कत कर वाहनों को बहने से रोका और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
प्रशासन की चेतावनी: क्यों जानलेवा बन रहा है रपटा पार करना?
जान से बढ़कर कोई जल्दबाजी नहीं: मानसून के दौरान मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में नदी, नाले, छोटे पुल और रपटे अचानक उफान पर आ जाते हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि सड़क पर बहता हुआ मात्र कुछ इंच पानी भी बड़े से बड़े चार पहिया वाहन का संतुलन आसानी से बिगाड़ सकता है।
प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने जनता से बेहद भावुक और सख्त अपील की है:
- यदि किसी भी पुलिया, रपटे या नाले के ऊपर से पानी बह रहा हो, तो वाहन निकालने की कोशिश बिल्कुल न करें।
- पानी उतरने तक कुछ मिनट या घंटों का इंतजार करना ही समझदारी है।
- यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।


