वाशिंगटन। अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (एफसीसी) ने साइबर सुरक्षा, निगरानी और सप्लाई चेन से जुड़े संभावित खतरों का हवाला देते हुए विदेशों में बने उन्नत रोबोट और कनेक्टेड पावर इनवर्टर के नए मॉडलों को अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने से रोक दिया है।एफसीसी ने इन दोनों श्रेणियों को अपनी 'कवर्ड लिस्ट' में शामिल कर लिया। यह फैसला व्हाइट हाउस की ओर से गठित एक अंतर-एजेंसी समूह की समीक्षा के बाद लिया गया। इस समूह ने निष्कर्ष निकाला कि ये उत्पाद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए अस्वीकार्य जोखिम पैदा कर सकते हैं।

यह प्रतिबंध मोबाइल रोबोट के नए मॉडलों पर लागू होगा, जिनमें ह्यूमनॉइड और क्वाड्रुपेड यानी चार पैरों वाले रोबोट भी शामिल हैं। इसके साथ ही विदेशों में बने कनेक्टेड पावर इनवर्टर भी इस फैसले के दायरे में आएंगे। अमेरिका में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को आयात, बिक्री या बाजार में उतारने से पहले आमतौर पर एफसीसी की मंजूरी लेना जरूरी होता है।

हालांकि, यह फैसला पहले से खरीदे जा चुके उपकरणों पर लागू नहीं होगा। जिन मॉडलों को पहले ही एफसीसी की मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें खुदरा विक्रेता पहले की तरह आयात, बेच और बाजार में उपलब्ध करा सकेंगे। वहीं, संघीय सरकारी एजेंसियों द्वारा की जाने वाली खरीद इस प्रतिबंध से बाहर रहेगी।

राष्ट्रीय सुरक्षा मूल्यांकन में कहा गया है कि उन्नत रोबोट की नेटवर्क से जुड़ी क्षमताएं साइबर हमलों और उनके भौतिक संचालन में छेड़छाड़ का रास्ता खोल सकती हैं।

रिपोर्ट में कहा गया, "उन्नत रोबोट बड़ी मात्रा में डेटा एकत्र करते हैं। इस डेटा का इस्तेमाल दुर्भावनापूर्ण तत्व अमेरिकी नागरिकों की निगरानी, विदेशी खुफिया एजेंसियों की क्षमता बढ़ाने या दूर से रोबोट का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिए कर सकते हैं।"

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की हाउस सेलेक्ट कमेटी ऑन चाइना के अध्यक्ष और रिपब्लिकन सांसद जॉन मूलेनार ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस नीति को स्थायी कानून का रूप देना चाहिए।

मूलेनार ने कहा, "एफसीसी का यह कदम हमारे देश की सुरक्षा करेगा और अमेरिकी रोबोटिक्स उद्योग को भी मजबूत बनाएगा।" उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष पेश किए गए द्विदलीय जीयूएआरडी एक्ट को कांग्रेस जल्द पारित करे, ताकि भविष्य की कोई भी सरकार इस नीति को आसानी से बदल न सके।

उन्होंने खास तौर पर चीन में बने रोबोटों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि भविष्य में रोबोट अमेरिकी घरों और कार्यस्थलों का हिस्सा बनेंगे, इसलिए ऐसे चीनी रोबोट, जिनमें 'बैकडोर' मौजूद हों और जो संवेदनशील डेटा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) तक पहुंचा सकें, उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।

अंतर-एजेंसी रिपोर्ट में विदेशों में बने पावर इनवर्टर को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिमोट कनेक्टिविटी के जरिए विदेशी कंपनियां इन उपकरणों को बंद कर सकती हैं, डेटा निकाल सकती हैं या विदेशी सरकारी एजेंसियों को इन तक पहुंच दे सकती हैं। जैसे-जैसे अमेरिका में इनवर्टर आधारित ऊर्जा संसाधनों का उपयोग बढ़ेगा, वैसे-वैसे ऐसी कमजोरियां देश के बिजली ग्रिड को भी प्रभावित कर सकती हैं।

एफसीसी के चेयरमैन ब्रेंडन कैर ने कहा कि आयोग राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में एफसीसी अमेरिका की महत्वपूर्ण सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा। आज का यह फैसला हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर उठाया गया एक अहम कदम है।"

हाल के महीनों में एफसीसी मानवरहित विमान प्रणालियों, उनके महत्वपूर्ण पुर्जों और उपभोक्ताओं के लिए इस्तेमाल होने वाले राउटर को लेकर भी इसी तरह के सख्त कदम उठा चुका है।