सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना अंतर्गत आने वाले ग्राम पड़रिया में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक खेत में बखरनी (खेती का कार्य) करने से रोकने पर कुछ दबंगों ने एक 40 वर्षीय महिला पर सरेआम डीजल डालकर आग लगा दी। महिला को जान से मारने की नीयत से अंजाम दी गई इस वारदात में महिला गंभीर रूप से झुलस गई है। वहीं, अपनी मां को तड़पता देख उसे बचाने दौड़ा बेटा भी आग की लपटों की चपेट में आने से झुलस गया। दोनों घायलों को तत्काल बीना के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से महिला की अत्यंत गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सागर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।


मामूली बात पर विवाद और जानलेवा हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पड़रिया निवासी रीना बाई (40 वर्ष) पति अरविंद ठाकुर गुरुवार सुबह अपने बेटे के साथ अपने खेत पर गई हुई थीं।


  • विवाद की वजह: रीना बाई के खेत से बिलकुल सटे हुए दूसरे खेत में कुछ लोग बखरनी कर रहे थे। महिला ने उन्हें टोकते हुए कहा कि पहले असली खेत मालिक को आ जाने दो, उसके बाद ही बखरनी का काम आगे बढ़ाना।


  • ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास: महिला की यह बात सुनते ही आरोपी भड़क गए और दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। पीड़ित महिला द्वारा दिए गए बयानों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने सबसे पहले महिला के बेटे के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर उसे कुचलने की कोशिश की, लेकिन बेटे ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई।


डीजल डालकर फूंक दिया, मां को बचाने लिपट गया बेटा

बेटे के भागने के बाद आरोपियों ने महिला को घेर लिया:

बयान के मुताबिक: जब महिला अकेली बची, तो पीछे से आए एक शख्स ने अचानक उन पर डीजल उड़ेल दिया। इससे पहले कि महिला कुछ समझ पाती या वहां से भाग पाती, दूसरे आरोपी ने माचिस जलाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते महिला आग की ऊंची लपटों से घिर गई और चीखने लगी। अपनी मां को जिंदा जलता देख बेटा अपनी जान की परवाह किए बिना दोबारा दौड़कर आया और मां से लिपट गया। उसने सूझबूझ दिखाते हुए मां को जमीन पर लिटाया और किसी तरह आग की लपटों को शांत किया। इस जांबाज कोशिश में बेटा खुद भी गंभीर रूप से झुलस गया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।


अस्पताल में इलाज और पुलिस की कार्रवाई

आग से झुलसकर तड़प रहे मां-बेटे को देखकर किसी राहगीर ने तत्काल पुलिस की 'डायल-112' सेवा को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए दोनों घायलों को बीना सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक महिला की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए सागर जिला अस्पताल भेजा गया है, जबकि उनके बेटे का इलाज बीना में ही जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी अनूप यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल जाकर पीड़ित महिला के बयान दर्ज किए हैं और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।