छतरपुर। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नए और भव्य स्वरूप में स्थापित करने के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की 'वन स्टे वन ग्लोबल डेस्टिनेशन' योजना के तहत कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में खजुराहो के स्थानीय झंकार होटल में एक अत्यंत महत्वपूर्ण हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटैरिया, खजुराहो नगर परिषद के अध्यक्ष अरुण अवस्थी, राजनगर नगर परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा, एसडीएम विशा माधवानी, तहसीलदार धीरज गौतम, मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग भोपाल की वरिष्ठ अधिकारी शिल्पा शर्मा, प्रशांत सिंह बघेल और सहायक यंत्री विवेक चौबे सहित पुरातत्व विभाग, नगरीय निकाय, पर्यटन गाइड, नामचीन होटलों के प्रतिनिधि और ट्रैवल एजेंट प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु खजुराहो के लिए तैयार किए जा रहे डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DMO) के प्रारूप पर विभिन्न हितधारकों से व्यावहारिक सुझाव और परामर्श प्राप्त करना था। मंथन के दौरान खजुराहो की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एयर व रेल कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ बनाने, संपूर्ण शहर के सौंदर्यकरण व हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) को बढ़ाने, विदेशी सैलानियों को खजुराहो के अद्वितीय आध्यात्मिक महत्व से गहराई से परिचित कराने तथा रात्रिकालीन पर्यटन (नाइट टूरिज्म) की गतिविधियों को गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही पर्यटकों के साथ स्थानीय स्तर पर बेहतर व मित्रवत व्यवहार सुनिश्चित करने तथा खजुराहो के आसपास स्थित अन्य ऐतिहासिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों एवं ग्रामीण अंचलों को एक बड़े पर्यटन सर्किट से जोड़ने की कार्ययोजना पर सहमति बनी। इन सभी प्रयासों का मूल उद्देश्य खजुराहो में पर्यटकों के रुकने के समय (स्टे पीरियड) को बढ़ाना है।


बैठक में वैश्विक पर्यटन की बदलती प्राथमिकताओं, इस क्षेत्र की चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर भी विशेषज्ञों द्वारा गहरा मंथन किया गया। हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में आई आंशिक कमी के संभावित कारणों का तकनीकी विश्लेषण करते हुए यह बात पुरजोर तरीके से सामने आई कि अब खजुराहो को केवल उसके विश्वप्रसिद्ध प्राचीन मंदिरों की पहचान तक ही सीमित न रखा जाए। खजुराहो को एक समग्र वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए यहाँ भारतीय संस्कृति, समृद्ध प्रकृति, वेलनेस (स्वास्थ्य), योग, एडवेंचर स्पोर्ट्स (साहसिक पर्यटन), ग्रामीण पर्यटन तथा बुंदेली कला व संस्कृति के विविध आयामों को जमीनी स्तर पर विकसित करना बेहद जरूरी है, ताकि विदेशी सैलानी यहाँ अधिक से अधिक समय और धन व्यय कर सकें।


इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक अरविंद पटैरिया ने क्षेत्रवासियों को बड़ी उम्मीद बंधाते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा देश के चुनिंदा पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर चमकाने के लिए यह विशेष योजना बनाई गई है, जिसमें सौभाग्य से खजुराहो को भी शामिल किया गया है। मध्य प्रदेश के कुल 3 प्रमुख शहरों में से यदि खजुराहो का यह मास्टर प्लान उच्च स्तर पर स्वीकृत हो जाता है, तो केंद्र सरकार से लगभग 300 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खजुराहो के विकास और आधुनिक अधोसंरचना निर्माण पर खर्च की जाएगी, जो इस पूरे बुंदेलखंड अंचल के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।


कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सभी हितधारकों को आश्वस्त किया कि बैठक में प्राप्त हुए सभी अनमोल और दूरगामी सुझावों को टूरिज्म डिपार्टमेंट द्वारा विधिवत नोट कर लिया गया है, जिन्हें जल्द ही भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर अंतिम प्लान तैयार कराया जाएगा। बैठक के उपरांत प्रशासनिक टीम ने पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए दतला पहाड़ के समीप पर्यटन विभाग की भूमि, ग्राम पंचायत पथरिया, ग्राम सिंगौर तथा चंदला के समीप स्थित विभिन्न शासकीय भूमियों का मौका मुआयना कर भविष्य की परियोजनाओं का खाका खींचा।