इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी में नौकरी और मोटे कमीशन का लालच देकर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की भोली-भाली युवतियों को बंधक बनाने और उनका शोषण करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) संतोष कुमार सिंह को मिली एक गंभीर शिकायत के बाद, राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हॉस्टल पर दबिश दी और वहां से कई युवतियों को सकुशल मुक्त कराया। इस पूरी साजिश में शामिल एक महिला और उसके सहयोगी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिनसे सघन पूछताछ की जा रही है।


आईडी और रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी, चेन सिस्टम का बनाया दबाव

इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब रतलाम जिले के सैलाना, बाजना और रावटी अंचल की नौ पीड़ित युवतियां गुरुवार को सीधे इंदौर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि करीब दस दिन पहले सोना उर्फ सोनम नाम की एक महिला ने उन्हें अच्छी नौकरी और बंपर कमाई का झांसा देकर इंदौर बुलाया था। इंदौर पहुंचने पर आरोपियों ने सबसे पहले उनकी आईडी बनाने के नाम पर 7 हजार रुपये और उसके बाद कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर 17 हजार रुपये की मोटी रकम जबरन वसूल ली। इसके बाद युवतियों पर आयुर्वेदिक उत्पाद बेचने और चेन सिस्टम (नेटवर्क मार्केटिंग) के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों से नई युवतियों को जोड़ने का मानसिक दबाव बनाया जाने लगा।


हॉस्टल में बंधक बनाकर रखा, मोबाइल फोन और बातचीत पर थी कड़ी निगरानी

पीड़ित युवतियों द्वारा दर्ज कराए गए बयानों के अनुसार, उन्हें राजेंद्र नगर ब्रिज के पास स्थित एक हॉस्टल में पूरी तरह बंधक बनाकर रखा गया था। वहां उनके मोबाइल फोन छीन लिए जाते थे और यदि फोन दिया भी जाता था, तो उनके व्हाट्सएप मैसेजेस और कॉल डिटेल्स की कड़ी निगरानी की जाती थी। युवतियों को अपने परिजनों या किसी भी बाहरी व्यक्ति से स्वतंत्र रूप से बात करने की कतई अनुमति नहीं थी। बाद में जब आरोपियों द्वारा उन्हें एक हॉस्टल से दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट किया जा रहा था, तब मौका पाकर ये युवतियां वहां से भाग निकलीं और ट्रेन पकड़कर रतलाम पहुंच गईं। रतलाम में उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता योगेश पटेल से संपर्क कर मदद मांगी, जिनकी सहायता से सभी युवतियां वापस इंदौर पहुंचीं और सीधे पुलिस कमिश्नर के सामने पेश हुईं।


पुलिस ने दी दबिश, नाबालिग युवतियों के होने की भी आशंका

युवतियों की आपबीती सुनने के तुरंत बाद पुलिस आयुक्त ने जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत को मामले की तत्परता से जांच करने के आदेश दिए। इसके बाद सक्रिय हुई राजेंद्र नगर पुलिस ने साईंराम रेस्टोरेंट वाली इमारत में संचालित हो रहे हॉस्टल पर औचक छापा मारा और वहां से अन्य बंधक युवतियों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। एडीसीपी सुमित केरकेट्टा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला बड़े स्तर पर की जा रही धोखाधड़ी और मानव तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उर्मिला गुर्जर और कमलेश नामक दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य सूत्रधार सोना उर्फ सोनम की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुक्त कराई गई युवतियों में से कुछ पीड़िताएं नाबालिग भी हैं।


दुबई भेजने की आशंका और रात के अंधेरे में शोषण के गंभीर आरोप

पीड़ित युवतियों ने पुलिस के समक्ष बेहद चौंकाने वाले और गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों द्वारा उनके मोबाइल, पहचान पत्र और सारी नकदी अपने कब्जे में रख ली जाती थी ताकि वे भाग न सकें। युवतियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ गलत काम करने का प्रयास किया गया और उन्हें पहले घूमने के बहाने अहमदाबाद ले जाने तथा बाद में वहां से खाड़ी देश (दुबई) भेजने की गुप्त तैयारी की जा रही थी। कुछ पीड़िताओं ने अपने बयानों में यह संगीन आरोप भी लगाया कि रात के समय हॉस्टल के कमरों की लाइट बंद कर अनजान युवकों को अंदर भेजा जाता था। मामले में सहयोग कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता रोहित कुमार ने बताया कि अधिकांश पीड़िताएं बेहद गरीब और अनाथ पृष्ठभूमि से आती हैं, जो बमुश्किल आठवीं कक्षा तक पढ़ी-लिखी हैं, और इसी लाचारी का फायदा उठाकर उन्हें इस बड़ी साजिश का शिकार बनाया गया।


'महादेव इंटरप्राइजेज' के नाम पर चल रहा था पूरा रैकेट

पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह पूरा रैकेट 'महादेव इंटरप्राइजेज' नाम की एक फर्जी फर्म के जरिए संचालित किया जा रहा था। इस फर्म के बैनर तले 'ड्रीम लाइफ वेलनेस' के आयुर्वेदिक उत्पादों को बेचने के बहाने युवतियों को फंसाया जाता था और फिर उन्हें डरा-धमकाकर चेन मार्केटिंग के काम में झोंक दिया जाता था। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनके विस्तृत वैधानिक बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले में मानव तस्करी व अन्य गंभीर धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।