सतना,अंबिका केशरी। मध्यप्रदेश के Satna में निजी अस्पतालों की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के चाणक्यपुरी स्थित पाठक नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और रीवा रोड पर चक्काजाम कर दिया। मामला पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक की मौत से जुड़ा है, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों के मुताबिक, 6 अप्रैल को रवि रजक को किडनी में पथरी के ऑपरेशन के लिए पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही बरती और कथित तौर पर उसकी किडनी निकाल ली, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। हालत नाजुक होने पर उसे Rewa Medical College रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और शव को लेकर पहले अस्पताल परिसर में हंगामा किया, फिर रीवा रोड पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और परिजनों के साथ झूमा-झटकी की स्थिति भी बनी। परिजन संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
घंटों चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। तहसीलदार की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को 5 लाख रुपये का चेक और 50 हजार रुपये नगद सहायता के रूप में दिए। साथ ही अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि मुआवजे के बाद स्थिति शांत हो गई, लेकिन इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी शहर के बिरला अस्पताल में लापरवाही का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक मरीजों की जान से खिलवाड़ होता रहेगा और क्या प्रशासन इस बार जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई कर पाएगा।

