छतरपुर, संजय अवस्थी। नमः शिवाय अरजरिया (प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ) ने बड़ामलहरा क्षेत्र के ग्राम पीरा में उपार्जन पंजीयन का मौके पर जाकर सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान फसल पंजीयन में गड़बड़ी सामने आई।
जांच के दौरान पाया गया कि किसान जितेन्द्र सिंह द्वारा बड़ामलहरा की बजाय गौरिहार की सेवा सहकारी समिति पचवरा में फसल पंजीयन कराया गया था।
मसूर की जगह खेत में मिली गेहूं की फसल
प्रभारी कलेक्टर ने मौके पर बोई गई फसल का अवलोकन किया तो पाया कि जिस भूमि पर मसूर की फसल का पंजीयन कराया गया था, वहां वास्तविक रूप से गेहूं की फसल बोई गई थी।
बताया गया कि किसान जितेन्द्र सिंह ने खसरा नंबर 33, 30, 29, 40 और 77 सहित लगभग 9 हेक्टेयर भूमि पर मसूर की फसल का पंजीयन कराया था, जबकि खेत में गेहूं की फसल मिली।
लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
प्रारंभिक जांच में यह भी सवाल उठा कि पीरा (बड़ामलहरा) का किसान गौरिहार क्षेत्र की समिति में फसल बेचने के लिए पंजीयन क्यों कराएगा।
इस मामले में लापरवाही सामने आने पर प्रभारी कलेक्टर ने बड़ामलहरा के एसडीएम को निर्देश दिए कि पटवारी हल्का पीरा गजेंद्र सिंह गौड़, सर्वेयर, समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है ताकि फसल पंजीयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

