जिला कोषालय अधिकारी की गाड़ी पर ‘लाल-नीली बत्ती’ का रसूख, नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां

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छतरपुर,संजय अवस्थी । मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सरकारी नियमों को ताक पर रखकर ‘रसूख’ दिखाने का एक ताजा मामला सामने आया है। यहां पदस्थ जिला कोषालय अधिकारी (DTO) विनोद श्रीवास्तव अपनी निजी अथवा आवंटित गाड़ी में नियमों के विरुद्ध लाल और नीली बत्ती लगाकर शहर में आवागमन कर रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अधिकारी की गाड़ी पर लगी यह बत्ती इन दिनों सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अधिकारी इस बत्ती के जरिए अपना ‘रोब’ झाड़ते नजर आते हैं, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि अब चुनिंदा पदों और आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर किसी भी अधिकारी को वाहन पर ऐसी बत्ती लगाने की अनुमति नहीं है। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ कई वरिष्ठ अधिकारी अपने वाहनों से आते-जाते हैं, लेकिन किसी के वाहन पर लाल-नीली बत्ती नहीं लगी है, जबकि जिला कोषालय अधिकारी की गाड़ी में यह बत्ती स्पष्ट रूप से देखी जा रही है।
नियमों का खुला उल्लंघन
भारत सरकार और राज्य सरकार ने वीआईपी कल्चर को समाप्त करने के उद्देश्य से वर्ष 2017 में वाहनों पर लाल और नीली बत्ती के उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू किए थे। नियमों के अनुसार केवल आपातकालीन सेवाएं—जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस—को ही विशिष्ट रंग की बत्तियां लगाने की अनुमति है। प्रशासनिक प्रोटोकॉल के तहत जिला कोषालय अधिकारी का पद उन श्रेणियों में शामिल नहीं है जिन्हें वाहन पर ऐसी बत्ती लगाने की पात्रता प्राप्त हो।
इस मामले ने प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या नियम आम लोगों के लिए हैं और अधिकारी खुद को इनसे ऊपर समझते हैं। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस कथित नियम उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करता है।
