भोपाल,जीतेंद्र यादव। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने सिविल सेवा परीक्षा में नया रिकॉर्ड बनाया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस बार चयनित अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या उन विद्यार्थियों की है, जो सरकारी स्कूलों और छोटे शहरों से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब वे उच्च शिक्षा मंत्री थे, तभी से प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का यह सिलसिला शुरू किया गया था, और यह खुशी की बात है कि आज भी यह निरंतर जारी है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि देश की टॉप-10 रैंकिंग में भी मध्यप्रदेश के दो विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को हटाए जाने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शासन में निरंतरता बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे निर्णय लिए जाते हैं। जहां अच्छे कार्य हो रहे होते हैं, वहां अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाता है, वहीं जहां कमियां होती हैं, वहां बदलाव किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं और सुशासन को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अधिकारी अपने कार्य में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे, उन्हें हटाया जाएगा, जबकि योग्य और मेहनती अधिकारियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे देश सेवा के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएं।

