Wednesday, February 25, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
देशपश्चिम बंगालबंगाल एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईआरओ और एईआरओ को दिया निर्देश

बंगाल एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ईआरओ और एईआरओ को दिया निर्देश

Post Media
News Logo
PeptechTime
25 फ़रवरी 2026, 10:30 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामले को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी ईआरओ और एईआरओ को निर्देश दिया कि 15 फरवरी तक जो भी दस्तावेज मतदाताओं ने अपने दावों के समर्थन में दिए थे, और जो 24 फरवरी तक अपलोड नहीं हुए हैं वो सभी दस्तावेज 26 फरवरी शाम पांच बजे तक एसआईआर प्रक्रिया में तैनात किए गए जजों को सौंपे।


इससे पहले मंगलवार को दिए गए आदेश में कोर्ट ने 14 फरवरी तक लिखित या डिजिटल रूप में जमा हुए दस्तावेजों को ही स्वीकार करने की बात कही थी। लेकिन कोर्ट ने बुधवार को साफ किया है कि जो दस्तावेज 14 फरवरी तक ईआरओ और एईआरओ को मिल चुके थे, लेकिन 24 फरवरी को आदेश होने तक चुनाव आयोग के पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए थे, वह भी न्यायिक अधिकारियों को सौंप दिए जाएं।


बता दें कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े विवाद में निर्देश दिया था कि राज्य में तार्किक विसंगति और अनमैप्ड श्रेणी के मामलों में लाखों आवेदनों का निपटारा करने के लिए न्यायिक अधिकारियों को लगाया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के पहले के आदेश के अनुसार जिला न्यायाधीश और अतिरिक्त जिला न्यायाधीश स्तर के लगभग 250 न्यायिक अधिकारी इस सत्यापन कार्य में लगे हुए हैं। लेकिन, इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों के सामने यह संख्या काफी कम साबित हो रही है।


इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने और तेजी लाने के लिए सिविल न्यायाधीशों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश दिया था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय और उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों से भी अतिरिक्त न्यायिक अधिकारियों की मांग की जा सकती है। कोर्ट ने जोर दिया कि यह काम युद्ध स्तर पर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि समय पर मतदाता सूची तैयार हो सके।


सुप्रीम कोर्ट ने यह भी व्यवस्था की थी कि यदि 28 फरवरी 2026 तक तार्किक विसंगति या अनमैप्ड श्रेणी के सभी मामलों का सत्यापन पूरा नहीं हो पाता है, तो निर्वाचन आयोग अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने के बाद पूरक सूची जारी कर सकता है।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)