Thursday, February 26, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
मध्य प्रदेशभोपालभोपाल के मंत्रालयों में 'हाजिरी' पर हड़कंप: सीएम के इस फैसले से अफसरों की बढ़ेंगी मुश्किलें...?

भोपाल के मंत्रालयों में 'हाजिरी' पर हड़कंप: सीएम के इस फैसले से अफसरों की बढ़ेंगी मुश्किलें...?

Post Media
News Logo
PeptechTime
26 फ़रवरी 2026, 09:51 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों—वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन—में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की टीमों ने अचानक विभागों में दस्तक देनी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने 'लेटलतीफी' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव अनुराग जैन दोनों ही इस वक्त भोपाल से बाहर दौरे पर हैं, लेकिन उनकी गैर-मौजूदगी में भी सचिवालय और GAD की यह औचक कार्रवाई यह बताने के लिए काफी है कि सरकार अब 'वर्क कल्चर' को लेकर किसी भी समझौते के मूड में नहीं है।


मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई इस विशेष मुहिम के तहत आज सुबह ठीक 10 बजे GAD के अधिकारियों ने सभी प्रमुख विभागों के उपस्थिति रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए। जांच का दायरा केवल हाजिरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब अधिकारी-कर्मचारियों की हर गतिविधि पर 'डिजिटल' और 'मैनुअल' दोनों तरह से निगरानी रखी जा रही है। नई व्यवस्था के अनुसार, सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर्मचारियों की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी कर्मचारी काम के घंटों के दौरान अनाधिकृत रूप से अपनी सीट से न उठे।


डॉ. मोहन यादव ने इस कार्रवाई के जरिए समूचे प्रशासनिक अमले को एक कड़ा संदेश भेजा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता की समस्याओं का समाधान तभी संभव है जब सरकारी तंत्र समय का पाबंद हो। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि सुबह 10 से शाम 6 बजे तक की अनिवार्य उपस्थिति का नियम पत्थर की लकीर है। यदि किसी भी स्तर पर समय पालन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सीधी और कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


राज्य सरकार के इस कदम को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। सचिवालय की गलियारों में आज इस बात की चर्चा आम रही कि अब न केवल समय पर दफ्तर पहुंचना होगा, बल्कि शाम तक अपनी मेज पर उपस्थिति भी दर्ज करानी होगी। शासन का जोर इस बात पर है कि जनता की सुविधा के लिए बनाई गई फाइलों की गति तभी बढ़ेगी जब उन पर काम करने वाले हाथ समयबद्ध तरीके से सक्रिय रहेंगे।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)