नई दिल्ली। देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा विभाग में व्यापक सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से जारी आंदोलन अब एक बड़े राष्ट्रीय और जन-आंदोलन में तब्दील हो चुका है। शुरुआती कड़े रुख और पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब केंद्र सरकार ने नरम रुख अपनाते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ किसी भी समय और स्थान पर बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है।
वहीं गुरुवार की रात पिछले 27 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने अंततः अपना अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक से मिलने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पहुंचे। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने सोनम वांगचुक को अपने हाथों से जूस पिलाकर उनका 27 दिनों से चला आ रहा कठिन अनशन तुड़वाया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों में CJP को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में वार्ता के लिए 4 बार औपचारिक प्रस्ताव भेजा जा चुका है। हालांकि, CJP ने जेपी नड्डा के आवास पर जाने से साफ इनकार करते हुए मांग रखी है कि सरकार को चर्चा करनी है तो वह जंतर-मंतर आए या किसी निष्पक्ष (न्यूट्रल) स्थान पर बातचीत करे।
5 पॉइंट्स में समझिए: क्यों और कैसे बदला CJP प्रदर्शन पर सरकार का रुख?
- राष्ट्रव्यापी आंदोलन में तब्दील: सोनम वांगचुक के अनशन, छात्रों की निरंतर मौजूदगी और विभिन्न राज्यों से मिले समर्थन ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया।
- जन आंदोलन का रूप: शुरुआती बैरिकेडिंग और मेट्रो पाबंदियों के बाद कांग्रेस, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के खुलकर समर्थन में आने से यह बड़ा जन आंदोलन बन गया।
- संसद मार्च पर लाठीचार्ज के बाद दबाव: 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज और झड़प में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों व छात्रों के घायल होने के बाद सरकार पर बातचीत का दबाव बढ़ा।
- विपक्ष का आक्रामक रुख: 21 जुलाई को राहुल गांधी के नेतृत्व में पीएम आवास के पास हुए विरोध प्रदर्शन और संसद में जारी हंगामे के कारण सरकार घिर गई।
- CJP का नड्डा के घर जाने से इनकार: CJP का मानना है कि बीजेपी नेता या मंत्री के व्यक्तिगत घर पर बैठक से आंदोलन पर राजनैतिक ठप्पा लग सकता है, इसलिए वे बराबरी की स्थिति में न्यूट्रल वेन्यू पर ही वार्ता चाहते हैं।
CJP का आज देशभर में प्रदर्शन का ऐलान; दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों को दी चेतावनी
इधर, मांगों पर पूर्ण सहमति न बनने के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देश भर में वृहद शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कानूनी जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने अपने छात्रों और प्रोफेसरों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए चेतावनी दी है कि वे जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल न हों, अन्यथा उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जिससे उनके भविष्य और करियर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।







