इंदौर। शहर में स्वाइन फ्लू (H1N1 वायरस) के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। उज्जैन निवासी एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद अब इंदौर में स्वाइन फ्लू के दूसरे मरीज की पुष्टि हुई है। संक्रमित मरीज को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।
उज्जैन की महिला ने इलाज के बाद तोड़ा था दम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हाल ही में उज्जैन निवासी करीब 60-62 वर्षीय महिला में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई थी। इंदौर के निजी अस्पताल में करीब 16 दिनों तक उनका इलाज चला। हालांकि, 18 अगस्त को परिजन उन्हें मेडिकल सलाह के विरुद्ध (LAMA) उज्जैन ले गए थे, जहां अगले दिन घर पर उनकी मृत्यु हो गई। विभाग ने संबंधित अस्पताल से इलाज का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है और जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की है।
संक्रमण के स्रोत (सोर्स) की तलाश तेज
लगातार दूसरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण के मूल स्रोत की पहचान और मरीजों के संपर्क में आए लोगों (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) की निगरानी की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पहले मामले में मृतका का कोई विशेष ट्रैवल इतिहास नहीं था और वे सिर्फ घर के आसपास पार्क तक ही जाती थीं। अब विभाग दोनों मामलों के बीच आपसी संपर्क या किसी समान संक्रमण स्रोत की पड़ताल कर रहा है।
सावधानी और त्वरित डॉक्टरी सलाह जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सांस लेने में तकलीफ या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।




