छतरपुर,संजय अवस्थी/शिवम सोनी। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में सुबह करीब 11 बजे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान विधायक एवं पूर्व मंत्री ललिता यादव और जिला अध्यक्ष चन्द्रभान गौतम सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में महिला आरक्षण से जुड़े इस विधेयक की विस्तार से जानकारी दी गई और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया गया।


विधायक ललिता यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ, वह केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के गठबंधन ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक को रोककर अपनी महिला विरोधी सोच को उजागर किया है। उनके अनुसार, यह विधेयक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल था, जिसे राजनीतिक स्वार्थों के कारण बाधित किया गया।


उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष, विशेष रूप से राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल, महिला सशक्तिकरण को केवल चुनावी मुद्दे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर उनकी प्रतिबद्धता दिखाई नहीं देती। भाजपा नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि पार्टी महिलाओं के अधिकारों और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर पूरी तरह समर्पित है और आने वाले समय में इस विषय पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।