Monday, March 2, 2026

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मध्य प्रदेशछिंदवाड़ापिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, लोहा पिघला, सामान जला लेकिन 'रामायण' को आंच न आई...!

पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत, लोहा पिघला, सामान जला लेकिन 'रामायण' को आंच न आई...!

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2 मार्च 2026, 12:54 pm IST
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छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक भीषण सड़क हादसे के बाद सीएनजी (CNG) कार आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक अग्निकांड में पिता और पुत्र को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों की कार के भीतर ही जिंदा जलकर मौत हो गई। हालांकि, इस विनाशकारी आग के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी को हैरान कर दिया—पूरी कार और सामान जलकर राख हो गया, लेकिन उसमें रखी 'पवित्र रामायण' लगभग सुरक्षित मिली।


पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक पिता-पुत्र मूलतः उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे और अपनी कार में घर-गृहस्थी का पूरा सामान लादकर छिंदवाड़ा के परासिया क्षेत्र स्थित दिगवानी गांव लौट रहे थे। कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के पास उनकी तेज रफ्तार सीएनजी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक गैरेज के पास खड़ी बोलेरो से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में तुरंत भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कार में सवार पिता-पुत्र को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिला और वे जलती कार के भीतर ही समा गए।


राख के ढेर में सुरक्षित मिला 'धर्म ग्रंथ'

हादसा कितना भयानक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी के लोहे के पार्ट्स तक पिघल गए और गृहस्थी का सारा सामान नष्ट हो गया। लेकिन जब आग बुझने के बाद मलबे की जांच की गई, तो वहां रखी रामायण सुरक्षित पाई गई। आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को खाक कर दिया, पर पवित्र ग्रंथ के केवल कुछ पन्नों के किनारे ही हल्के झुलसे थे, बाकी पूरी रामायण सुरक्षित थी।


चमत्कार की चर्चा और आस्था का सैलाब

जैसे ही यह खबर फैली, घटना स्थल पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। स्थानीय लोग इसे आस्था और विश्वास से जोड़ते हुए 'ईश्वरीय चमत्कार' मान रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जहाँ आग ने इंसानों और लोहे को नहीं छोड़ा, वहाँ कागज के ग्रंथ का सुरक्षित रहना किसी अजूबे से कम नहीं है।


बड़ा हादसा टला

गनीमत यह रही कि जिस गैरेज के सामने यह हादसा हुआ, वहाँ सो रहे एक परिवार के चार सदस्य समय रहते जाग गए और सुरक्षित बच गए। यदि आग उन तक पहुँचती, तो हताहतों की संख्या और बढ़ सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है।

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