भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एग्रीगेटर कंपनियों (Ola, Uber आदि) के खिलाफ टैक्सी चालकों द्वारा शुरू की गई हड़ताल ने उग्र रूप धारण कर लिया है। मंगलवार सुबह से ही शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों और चौराहों पर हड़ताली चालकों द्वारा यात्रियों को टैक्सियों से जबरन उतारने और मनमाना ऑटो किराया वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।


हड़ताल की वर्तमान स्थिति और यात्रियों को परेशानी

नादरा बस स्टैंड, रानी कमलापति (RKMP) रेलवे स्टेशन, दानिश कुंज चौराहा, लाल बत्ती चौराहा और बागसेवनिया जैसे इलाकों में प्रदर्शनकारी पीली नंबर प्लेट (Commercial) वाले वाहनों को रोक रहे हैं। भारी सामान और जरूरी काम का हवाला देने के बावजूद यात्रियों को जबरदस्ती गाड़ियों से नीचे उतारा जा रहा है, जिससे लोगों में भय और असुविधा का माहौल है। ओला-उबर सेवाएं ठप होने का फायदा उठाकर ऑटो चालक यात्रियों से सामान्य से डेढ़ से दोगुना तक किराया वसूल रहे हैं। बताया जा रहा है कि टैक्सी चालक संघ दो गुटों में बंट गया है। एक गुट काम जारी रखना चाहता है, जबकि हड़ताल समर्थक गुट काम करने वाले ड्राइवरों को रोक रहा है।


टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगें

संयुक्त मोर्चे और टैक्सी चालक संघ ने सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:


न्यूनतम व स्थायी किराया निर्धारण

सरकार द्वारा ₹22 से ₹30 प्रति किलोमीटर की दर से स्थायी किराया तय किया जाए। इसके अलावा ₹1 से ₹2 प्रति मिनट का 'टाइम चार्ज' (Time Charge) और 'बेस फेयर' (Base Fare) लागू किया जाए।एग्रीगेटर कंपनियों को इन्हीं सरकारी दरों पर काम करने के लिए बाध्य किया जाए।


गैर-व्यावसायिक (Non-Commercial) वाहनों पर रोक

निजी (सफेद) नंबर प्लेट वाली कारों, बाइक और ई-रिक्शा के व्यावसायिक उपयोग पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए, क्योंकि इससे कमर्शियल चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।


प्रभावित यात्रियों के लिए सुझाव

यदि आप भोपाल में यात्रा कर रहे हैं या भोपाल स्टेशन/बस स्टैंड पहुंचने वाले हैं: सार्वजनिक परिवहन जैसे भोपाल बीसीएलएल (BCLL) सिटी बस या मेट्रो/लोकल साधनों का उपयोग करें। रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड से यात्रा करते समय प्रीपेड ऑटो बूथ या आधिकारिक परिवहन काउंटर से ही किराया तय करें।