मकर संक्रांति की अर्धरात्रि में जलखण्डेश्वर नाथ की पावन डुबकी, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी

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पन्ना जिले की सीमा पर गैसाबाद क्षेत्र में व्याराम नदी के मध्य स्थित जलखण्डेश्वर धाम क्षेत्रवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर यहां भक्ति, श्रद्धा और अद्भुत संयोगों का संगम देखने को मिला।
इस वर्ष एक ऐतिहासिक महासंयोग के तहत श्री जलखण्डेश्वर नाथ ने मकर संक्रांति की अर्धरात्रि को पहली बार पावन डुबकी लगाई, जिसके साक्षी हजारों श्रद्धालु बने। इस दुर्लभ दृश्य को लेकर पूरे क्षेत्र में विशेष धार्मिक उत्साह रहा।
वहीं प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी मेले के दौरान जलखण्डेश्वर शिवभक्तों द्वारा महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
धाम परिसर में अखंड श्रीसीताराम धुन संकीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन लगातार जारी हैं। इस संबंध में पंडित श्याम सुंदर रावत ने बताया कि यह आयोजन अनिश्चित काल यानी हरि इच्छा तक चलता रहेगा। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलमग्न धाम में पहुंचकर संकीर्तन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
पूरे जलखण्डेश्वर धाम क्षेत्र में हर-हर महादेव और सीताराम के जयघोष के साथ आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
