सागर,जीशान खान। सेंट पॉल ईएल चर्च में गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष आराधना एवं मनन सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक प्रभु यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर कही गई सात अंतिम वाणियों पर गहन चिंतन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पहली वाणी “हे पिता, इन्हें क्षमा कर क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं” से हुई, जिस पर पास्टर राहुल यादव ने क्षमा, करुणा और प्रेम का संदेश दिया।


दूसरी वाणी “मैं तुझे सच कहता हूं कि तू आज ही मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा” के माध्यम से दया और उद्धार का संदेश दिया गया, वहीं तीसरी वाणी “हे नारी, देख यह तेरा पुत्र है” पर शीला दास ने मानवीय संबंधों और जिम्मेदारियों की व्याख्या की। चौथी वाणी “हे मेरे परमेश्वर, तूने क्यों मुझे छोड़ दिया” पर मानव पीड़ा और विश्वास के संघर्ष को समझाया गया।


पांचवीं वाणी “मैं प्यासा हूं” पर विनी वाल्टर ने प्रभु की मानवीय पीड़ा को रेखांकित किया, जबकि छठवीं वाणी “पूरा हुआ” पर रेव्हरेंड जयंत सिंह मैथ्यूज ने इसे उद्धार कार्य की पूर्णता का प्रतीक बताया। अंत में सातवीं वाणी “हे मेरे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूं” पर बिशप हैरिस वॉल्टर ने पूर्ण समर्पण और विश्वास का संदेश दिया।


चर्च सचिव ई. वाय. कुमार ने बताया कि गुड फ्राइडे प्रभु यीशु के बलिदान की स्मृति का दिन है, जो मानवता के पापों के प्रायश्चित और ईश्वर के असीम प्रेम का प्रतीक है। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने मौन प्रार्थना कर प्रभु के बलिदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।