अजित पवार की पत्नी से मिले महाराष्ट्र CM, उपमुख्यमंत्री और राज्यपाल

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मुंबई/बारामती। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार का निजी चार्टर विमान आज सुबह एक भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। विमान मुंबई से बारामती की ओर जा रहा था, जहां वे जिला परिषद चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे।
सुबह करीब 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसल गया। इसके बाद विमान में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गया। विमान के मलबे दूर-दूर तक बिखरे पड़े हैं और घटनास्थल से धुएं के गुबार उठते देखे जा रहे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में अजित पवार सहित कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें 2 क्रू मेंबर, एक सुरक्षा अधिकारी और एक सहायक शामिल थे। इस हादसे में सभी की मौके पर ही मौत हो गई। डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने घटना की पुष्टि की है, जबकि बचाव कार्य जारी हैं।
अजित पवार (66) बारामती से विधायक थे और पवार परिवार का यह गढ़ माना जाता है। वे हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में जीते थे और राज्य में डिप्टी सीएम के पद पर थे। हादसे की खबर मिलते ही पवार परिवार के सदस्य, जिसमें सुप्रिया सुले, सुनेत्रा पवार और अन्य शामिल हैं, दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली है। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। अभी तक तकनीकी खराबी या अन्य वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
28 जनवरी 2026 को 11:08 am बजे
विमान हादसे की होगी जांच, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को अपने साथी उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे राज्य के लिए गहरा आघात है और इसकी निष्पक्ष व विस्तृत जांच कराई जाएगी।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जिस विमान दुर्घटना में अजित पवार की जान गई, उसके हर पहलू की गंभीरता से जांच होगी, ताकि हादसे के वास्तविक कारण सामने आ सकें। उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसे हमेशा याद किया जाएगा।
28 जनवरी 2026 को 11:01 am बजे
अजित पवार का पारिवारिक और राजनीतिक जीवन
महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले अजित पवार का पारिवारिक और राजनीतिक जीवन लंबे समय से चर्चा में रहा है। अजित पवार की शादी सुनेत्रा पवार से हुई है। उनके दो बेटे हैं—जय पवार और पार्थ पवार। पार्थ पवार सक्रिय राजनीति में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं।
अजित पवार ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1982 में की, जब वे एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड के लिए चुने गए। इसके बाद 1991 में उन्हें पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक का अध्यक्ष बनाया गया, जिससे उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक पहचान और मजबूत हुई।
इसी वर्ष 1991 में अजित पवार पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद चुने गए। हालांकि, बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी, जिससे पारिवारिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया गया।
अजित पवार बारामती विधानसभा क्षेत्र से अब तक 7 बार महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने जा चुके हैं। उन्होंने पहली जीत 1991 के उपचुनाव में दर्ज की। इसके बाद 1995, 1999, 2004, 2009 और 2014 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल की और क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी।
राजनीतिक जीवन का बड़ा मोड़ नवंबर 2019 में आया, जब अजित पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बगावत कर दी और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने।
इसके बाद फरवरी 2024 में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एनसीपी का नाम और चुनाव चिन्ह अजित पवार के गुट को आवंटित कर दिया। इस फैसले ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई सियासी तस्वीर पेश की और अजित पवार को एक अलग राजनीतिक पहचान दिलाई।
28 जनवरी 2026 को 10:45 am बजे
गांव के लोग बोले — गिरते ही विमान में जोरदार धमाका,
बारामती एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने भयावह मंजर का आंखों देखा हाल बताया है। गांव के एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उसने अपनी आंखों से पूरा हादसा देखा, जो बेहद तकलीफदेह था।
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, जब विमान रनवे पर फिसला तो उसी वक्त अंदेशा हो गया था कि यह क्रैश हो जाएगा। कुछ ही पलों में विमान गिर पड़ा और गिरते ही जोरदार धमाका हुआ। धमाके के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक विमान आग का गोला बन चुका था।
उन्होंने बताया कि पहले बड़े धमाके के बाद विमान के अंदर 4 से 5 और धमाके हुए। आग इतनी भीषण थी कि लोग चाहकर भी ज्यादा मदद नहीं कर सके। इसके बावजूद कई ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए विमान से लोगों को निकालने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विमान में अजित पवार भी सवार थे। हादसे का दृश्य इतना दर्दनाक था कि उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। उन्होंने कहा, “जो हुआ, उसे देखना बेहद दुखभरा था, ऐसा मंजर जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे।”
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा और प्रशासन व राहत टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गईं।
