मंदसौर,ललित शंकर। धाकड़मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ नगर से एक बेहद भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां एक नवजात बच्ची जन्म के कुछ ही दिनों बाद दुर्लभ और जानलेवा बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से जूझ रही है। इस गंभीर अनुवांशिक बीमारी के कारण बच्ची की जिंदगी खतरे में है और उसके इलाज के लिए करीब 9 करोड़ 40 लाख रुपए कीमत का एकमात्र अमेरिकन इंजेक्शन ही सहारा है।


बताया जा रहा है कि गरोठ निवासी अनिल सोनी के बेटे गौरव की पत्नी ने करीब डेढ़ महीने पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। परिवार में कई वर्षों बाद आई इस खुशी ने जल्द ही चिंता का रूप ले लिया, जब नवजात में असामान्य लक्षण दिखाई देने लगे। बच्ची को सांस लेने, दूध पीने और सिर उठाने में कठिनाई हो रही थी। परिजन बच्ची को इलाज के लिए इंदौर और कोटा के डॉक्टरों के पास ले गए, जहां जांच के बाद उसे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित पाया गया। डॉक्टरों के अनुसार यह बीमारी बेहद खतरनाक है और समय रहते इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है।


जयपुर के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियांशु माथुर ने परिजनों को सलाह दी है कि बच्ची को दो साल की उम्र के भीतर यह विशेष इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। यह इंजेक्शन भारत में उपलब्ध नहीं है और इसे अमेरिका से मंगवाना पड़ता है, जिसकी कीमत करीब 9.4 करोड़ रुपए है। बच्ची के दादा अनिल सोनी एक साधारण व्यापारी हैं और अपने बेटे के साथ साइकिल व मोटरसाइकिल के पंचर बनाने का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे इस महंगे इलाज का खर्च उठा सकें।


ऐसे में परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि कई वर्षों बाद घर में आई इस खुशी को बचाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए और “बेटी बचाओ” अभियान के तहत उनकी बच्ची को जीवनदान देना चाहिए।