इंदौर। इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत बांक के तत्कालीन सचिव, तत्कालीन सरपंच और सचिव के बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।


फर्जीवाड़े और एफआईआर के मुख्य बिंदु

नियमों की अनदेखी कर पुत्र का वाहन लगाया: ग्राम पंचायत बांक के तत्कालीन सचिव प्रहलाद नील ने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे धीरज नील का चार पहिया वाहन (क्रमांक MP 10 G 1435) सफाई कार्य के नाम पर पंचायत में अटैच कराया।


बिना टेंडर निकाला सरकारी पैसा: तत्कालीन सरपंच लक्ष्मीबाई चौहान और सचिव प्रहलाद नील ने बिना किसी टेंडर प्रक्रिया, प्रतिस्पर्धी बोली या ग्राम सभा की स्वीकृति के केवल अपने हस्ताक्षरों से प्रस्ताव पास कर शासकीय कोष से लगातार वाहन का मोटा किराया निकाला।


हितों के टकराव (Conflict of Interest) का उल्लंघन: जांच में पाया गया कि वित्तीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए निजी लाभ के लिए सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार किया गया।


दर्ज धाराएं और जांच की स्थिति

आरोपियों पर एफआईआर: लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन और डीएसपी सुनील तालान की जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन सचिव प्रहलाद नील, तत्कालीन सरपंच लक्ष्मीबाई चौहान और धीरज नील के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 13(1)ए, 13(2) तथा बीएनएस (BNS) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।


वर्तमान सरपंच-सचिव भी रडार पर: लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, बांक ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच और वर्तमान सचिव के खिलाफ मिली शिकायतों पर भी सघन जांच जारी है।