जयपुर, 9 अप्रैल । राजस्थान सरकार ने अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के उद्देश्य से अपने विभागों के कार्यक्रमों को होटलों और निजी स्थानों पर आयोजित करने से प्रतिबंधित कर दिया है।मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, बैठकें, प्रदर्शनियां, सेमिनार और समारोह जहां तक संभव हो, केवल सरकारी भवनों और आधिकारिक ऑडिटोरियम में आयोजित किए जाएं।

सर्कुलर में मौजूदा सरकारी ढांचे के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है और सभी विभागों, निगमों, स्वायत्त संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने कार्यक्रम सरकारी परिसरों में ही आयोजित करें। इनमें राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जयपुर, इंदिरा गांधी पंचायती राज इंस्टीट्यूट, हरीश चंद्र माथुर राजस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मैनेजमेंट जैसे सुविधाओं से लैस स्थान शामिल हैं।

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि निजी स्थानों या होटलों में कार्यक्रम केवल विशेष परिस्थितियों में ही आयोजित किए जा सकेंगे। ऐसे मामलों में मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति से पहले अनुमति लेनी होगी। इस समिति में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव और संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले से सार्वजनिक संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा और अनावश्यक खर्च पर रोक लगेगी। इससे सरकारी कामकाज में दक्षता बढ़ेगी, फिजूल खर्च कम होगा और धन का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, जिससे शासन अधिक प्रभावी बनेगा।

इस निर्देश के साथ सरकार ने निजी स्थानों पर सरकारी कार्यक्रम आयोजित करने की सामान्य प्रथा को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे वित्तीय अनुशासन और सरकारी संपत्तियों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह पहल पहली बार की गई है। इसी कारण राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा हो रही है। उनका कहना है कि जयपुर में राज्य सरकार के कई विश्वस्तरीय भवन मौजूद हैं, लेकिन उनके उपयोग के बजाय अधिकारी अक्सर निजी होटलों का सहारा लेते रहे हैं।