रीवा। रीवा जिले की हुजूर तहसील के चिरहुला निवासी तेजबली सिंह और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा बिना लिखित आदेश के मकान खाली कराने के दबाव के बीच मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अवकाश के दिन भी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगा दी। परिवार का आरोप था कि उन्हें लगातार मकान खाली करने की चेतावनी दी जा रही थी। इस पर वकील प्रफुल्ल शर्मा ने विशेष अनुरोध कर मामला कोर्ट में उठाया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा के निर्देश पर शनिवार को कोर्ट खुला और जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान परिवार ने 696 वर्ग फीट जमीन का वैध पट्टा पेश किया, जिसे कोर्ट ने मजबूत आधार माना। वहीं, राज्य पक्ष की ओर से भी स्पष्ट निर्देश न होने की बात सामने आई। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया कि संबंधित मकान को न तो तोड़ा जाएगा और न ही किसी प्रकार की क्षति पहुंचाई जाएगी। इस फैसले से एक गरीब परिवार बेघर होने से बच गया और यह संदेश भी गया कि न्याय सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध है।

