इंदौर,रविकांत वर्मा। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में हुए ड्राइवर आत्महत्या मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पहले जहां सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया था, वहीं अब थाना प्रभारी (टीआई) को भी लाइन अटैच कर दिया गया है। यह कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए की गई है, जिसमें पुलिस पर प्रताड़ना और पैसे की मांग जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
दरअसल पूरा मामला 6 और 7 अप्रैल की दरमियानी रात का है, जब कपिल और अभिषेक की कार आपस में टकरा गई थी। हादसे के बाद राजेंद्र नगर थाने के सब इंस्पेक्टर मनोहर पाल ने अभिषेक को हिरासत में ले लिया और उसकी कार भी जब्त कर ली। आरोप है कि इस दौरान सब इंस्पेक्टर ने अभिषेक से मामले को निपटाने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि पुलिस की इस कथित प्रताड़ना से अभिषेक काफी तनाव में था। इसके बाद 8 अप्रैल की रात उसने अपने पलाश परिसर स्थित घर पर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले अभिषेक ने एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने थाना राजेंद्र नगर के सब इंस्पेक्टर मनोहर पाल और थाना प्रभारी नीरज बीरथरे पर गंभीर आरोप लगाए।
वीडियो में अभिषेक ने कहा कि उसे थाने में मारपीट का सामना करना पड़ा और उससे पैसे की मांग की गई। साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद थाना प्रभारी ने उसकी कोई मदद नहीं की। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की जांच शुरू होते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर मनोहर पाल को सस्पेंड कर दिया गया था। वहीं अब जांच के आधार पर थाना प्रभारी नीरज बीरथरे को भी जिम्मेदार मानते हुए लाइन अटैच कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


