इंदौर, रविकांत वर्मा। इंदौर के हीरानगर थाना पुलिस की कार्रवाई एक वायरल वीडियो के बाद विवादों में घिर गई है। वीडियो में दावा किया गया है कि जिन दो आरोपितों को घायल बताकर हाथ-पैर में प्लास्टर बांधकर पुलिस ने जुलूस निकाला था, उन्होंने जेल पहुंचने से पहले कथित तौर पर वे पट्टियां खोलकर झाड़ियों में फेंक दीं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मयंक और शोभित के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के समय बताया था कि दोनों आरोपित गिरने से घायल हो गए थे, जिसके कारण उनके हाथ-पैर में प्लास्टर बांधा गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों का सार्वजनिक जुलूस भी निकाला, जिसमें वे प्लास्टर के साथ पुलिसकर्मियों के बीच चलते दिखाई दिए।
वायरल वीडियो में आरोप लगाया गया है कि जेल पहुंचने से पहले दोनों आरोपितों ने कथित रूप से अपने हाथ-पैर की पट्टियां उतारकर झाड़ियों में फेंक दीं। साथ ही यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि फर्जी प्लास्टर बांधने के लिए ₹20 हजार की लेनदेन हुई थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद एसीपी ने पूरे घटनाक्रम की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।




